पंचों के साथ बैठी खाकी, 20 हजार में अस्मत का सौदा
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पीड़ित के पति ने बतायापत्नी ने उसे गैंग रेप की जानकारी दी तो वह भट्ठे के पास में ही स्थित पुलिस चौकी पर शिकायत करने गया, लेकिन पुलिस वालों ने उसकी पीड़ा सुनने के बजाए वहां से उसे धमकाकर भगा दिया। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ भट्ठे पर पहुंच गया। बाद में भट्ठे पर उसके पास दो लोग पहुंचे।
उसे जरूरी काम के बहाने से पास में स्थित दूसरे भट्ठे पर ले गए। वहां पर पहले से ही कुछ लोग मौजूद थे। इनमें तीन पुलिस वाले भी शामिल थे। उन्होंने वहां पंचायत की। पंचों ने केस में 20 हजार रुपये में समझौता करने की बात कही। उन लोगों ने उसके हाथ में 20 हजार रुपये भी रख दिए। जब वह इसके लिए सहमत नहीं हुआ तो उसे पहले जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान कुछ लोगों ने कहा बात मान ले, वरना महिला से दोबारा भी इस तरह की वारदात हो सकती है।
बाद में वह वहां से चला गया। तभी से आरोपी और गांव के कुछ लोग उसे धमकी दे रहे हैं। धमकी के बाद वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ दर-दर भटक रहा है। हालांकि सीओ बड़ौत सीपी सिंह ने कहा उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, यदि कोई शिकायत आती है तो पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास होगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सीएम साहब! कब तक लुटती रहेगी बागपत में नारी की अस्मत
बागपत। सीएम अखिलेश यादव महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े वायदे कर रहे हैं, लेकिन जनपद बागपत में नारी पूरी तरह से असुरक्षित हैं। आए दिन महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ हो रहा है। पुलिस अफसरों के दावे पूरी तरह से हवाई साबित हो रहे हैं।
दिन प्रतिदिन महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाएं बढ़ने के कारण जनपद बागपत में महिलाएं पूरी तरह से असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सड़क पर ही नहीं घरों में भी नारियों पर अत्याचार हो रहे हैं। युवतियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शायद ही कोई दिन गुजरता है जिस दिन महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ न होता हो।
पुलिस की कार्यशैली देख अधिकांश पीड़ित पुलिस से शिकायत भी नहीं करती है। बड़ौत क्षेत्र में महिला से तीन युवकों ने दरिंदगी की, यहां तक की उसे कुएं में लटका दिया। इतना होने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उल्टा पंचायत में शामिल होकर समझौते के प्रयास किए। यह हाल तब हैं, जब बागपत की पुलिस कप्तान महिला है।
जनपद में पहुंचने पर उन्होंने कहा था कि महिलाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। उधर, एएसपी अजीजुल हक ने कहा पिछले साल के मुकाबले महिलाओं से संबंधित अपराध में कमी आई है। जिन मामलों में कार्रवाई नहीं हुई है। उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।