{"_id":"5a1c66614f1c1b9f678be133","slug":"191511810657-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदाताओं की चुप्पी से बढ़ी प्रत्याशियों की धडकनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदाताओं की चुप्पी से बढ़ी प्रत्याशियों की धडकनें
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
नगर निकाय चुनाव के मतदान के लिए मात्र दो दिन शेष रह गए हैं। चुनाव में फतह हासिल करने को लेकर जहां प्रत्याशी तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है, वहीं वोटरों की चुप्पी से प्रत्याशियों की धड़कन तेज हो गई। वोटरों को अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए प्रत्याशी हर संभव प्रयास कर रहा है। दूसरी तरफ वोटर भी अपने यहां आने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को वोट देने का आश्वासन देकर लौटा रहा है।
नगर निकाय चुनाव के तीसरे चरण के लिए बागपत जनपद में 29 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए जहां चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मेहनत करने मेें लगे हैं, वहीं चुनावी मैदान मेें उतरे प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के लिए वोटरों को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि वोटर भी अब शातिर हो चुके हैं और अपनी चुप्पी तोड़ने को तैयार नहीं है। वोटरों की चुप्पी से प्रत्याशियों की धड़कने तेज हो गई। दूसरी तरफ प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए परिवार की महिलाएं, बेटियां और बहु भी मैदान में उतरी हुई हैं और घर-घर महिलाओं और युवतियों को अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने के लिए मनाने मेें जुटी हैं।
विज्ञापन
नगर निकाय चुनाव के मतदान के लिए मात्र दो दिन शेष रह गए हैं। चुनाव में फतह हासिल करने को लेकर जहां प्रत्याशी तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है, वहीं वोटरों की चुप्पी से प्रत्याशियों की धड़कन तेज हो गई। वोटरों को अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए प्रत्याशी हर संभव प्रयास कर रहा है। दूसरी तरफ वोटर भी अपने यहां आने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को वोट देने का आश्वासन देकर लौटा रहा है।
नगर निकाय चुनाव के तीसरे चरण के लिए बागपत जनपद में 29 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए जहां चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मेहनत करने मेें लगे हैं, वहीं चुनावी मैदान मेें उतरे प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के लिए वोटरों को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि वोटर भी अब शातिर हो चुके हैं और अपनी चुप्पी तोड़ने को तैयार नहीं है। वोटरों की चुप्पी से प्रत्याशियों की धड़कने तेज हो गई। दूसरी तरफ प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए परिवार की महिलाएं, बेटियां और बहु भी मैदान में उतरी हुई हैं और घर-घर महिलाओं और युवतियों को अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने के लिए मनाने मेें जुटी हैं।
विज्ञापन