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किसानों की पीड़ा को नहीं समझ रहा प्रशासन : डॉ. मैराजूद्दीन
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:12 AM IST
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चांदीनगर (बागपत)। पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. एवं रालोद नेता डॉ. मेराजूद्दीन ने कहा कि किसानों की जली हुई फसल का मुआवजा नहीं मिलता। रटौल फल पट्टी क्षेत्र घोषित है, लेकिन उद्यान विभाग की और से यहां आज कैंप लगाकर जागरूक नहीं किया जाता है। इन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और समस्या का समाधान कराएंगे।
रटौल गांव में अपने आवास पर वार्ता करते हुए डॉ. मैराजूद्दीन ने कहा कि किसान प्रशासन की उपेक्षा का शिकार है। इस सीजन में गेहूं और ईख की फसल जल रही है, लेकिन मुआवजे दिलाने के नाम पर प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिलता है। वहीं आम बागान मालिकों को भी प्रशासन का उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। 1974 में रटौल को फल पट्टी क्षेत्र घोषित कर दिया गया था, लेकिन तब से अब तक उद्यान विभाग की ओर से आम उत्पादकों को जागरूक करने के लिए कैंप नहीं लगाया है। इन समस्याओं को लेकर जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलेंगे। किसानों की समस्या रखेंगे। बाबू, सेज महमूद, सलीम, बाबर चौहान मौजूद रहे।
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रटौल गांव में अपने आवास पर वार्ता करते हुए डॉ. मैराजूद्दीन ने कहा कि किसान प्रशासन की उपेक्षा का शिकार है। इस सीजन में गेहूं और ईख की फसल जल रही है, लेकिन मुआवजे दिलाने के नाम पर प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिलता है। वहीं आम बागान मालिकों को भी प्रशासन का उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। 1974 में रटौल को फल पट्टी क्षेत्र घोषित कर दिया गया था, लेकिन तब से अब तक उद्यान विभाग की ओर से आम उत्पादकों को जागरूक करने के लिए कैंप नहीं लगाया है। इन समस्याओं को लेकर जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलेंगे। किसानों की समस्या रखेंगे। बाबू, सेज महमूद, सलीम, बाबर चौहान मौजूद रहे।
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