{"_id":"59418f944f1c1b64088b4617","slug":"181497468820-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएम पर ताले, धनराशि नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएम पर ताले, धनराशि नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)। नोट बंदी के बाद से ही रुपये को लेकर चला आ रहा संकट जिले में आज भी जारी है। एटीएम की स्थिति तो ओर भी खराब हो गई है। इससे लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है। हालात है कि यहां सप्ताह भर एटीएम में ताले ही लटकते रहते हैं। इससे रुपये के लाले पड़े रहते हैं।
नोट बंदी के बाद देशभर के साथ ही जिले के लोगों ने भी रुपये की किल्लत झेली थी। इसमें एटीएम ने तो लोगों को और भी रुलाने का काम किया था। करीबन तीन-चार महीनों तक लोगों को रुपये की जबरदस्त किल्लत झेलनी पड़ी थी। इससे काफी दिनों के बाद बीच में थोडी स्थिति मेें सुधार जरूर हुआ था। आज हालात फिर वहीं हो गए है। आज जिले के अधिकांश एटीएम बंद ही पड़े रहते हैं। इससे लोग आजिज हो गए हैं।
नगर में कहने के लिए 15 से 20 से अधिक एटीएम है, लेकिन खुलने के नाम पर बस एक या दो। बाकी पर सप्ताहभर तक ऐसे ही ताले लटकते रहते हैं। हालत ऐसी है कि रात्रि के समय यदि कोई एटीएम खुला रहता है तो आज भी उन पर रात्रि के समय लंबी-लंबी लाइनें लग जाती है। इसको लेकर खातेदारों और आम जनता में आक्रोश पनप रहा है। सिंडिकेट बैंक शाखा के प्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा हमारी शाखा पर 24 घंटे एटीएम व्यवस्था दुरुस्त रहती है। यह बात अलग है कि तकनीकी खराबी के चलते एक या दो बार एटीएम बंद रखना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोट बंदी के बाद देशभर के साथ ही जिले के लोगों ने भी रुपये की किल्लत झेली थी। इसमें एटीएम ने तो लोगों को और भी रुलाने का काम किया था। करीबन तीन-चार महीनों तक लोगों को रुपये की जबरदस्त किल्लत झेलनी पड़ी थी। इससे काफी दिनों के बाद बीच में थोडी स्थिति मेें सुधार जरूर हुआ था। आज हालात फिर वहीं हो गए है। आज जिले के अधिकांश एटीएम बंद ही पड़े रहते हैं। इससे लोग आजिज हो गए हैं।
विज्ञापन
नगर में कहने के लिए 15 से 20 से अधिक एटीएम है, लेकिन खुलने के नाम पर बस एक या दो। बाकी पर सप्ताहभर तक ऐसे ही ताले लटकते रहते हैं। हालत ऐसी है कि रात्रि के समय यदि कोई एटीएम खुला रहता है तो आज भी उन पर रात्रि के समय लंबी-लंबी लाइनें लग जाती है। इसको लेकर खातेदारों और आम जनता में आक्रोश पनप रहा है। सिंडिकेट बैंक शाखा के प्रबंधक अरविंद कुमार ने कहा हमारी शाखा पर 24 घंटे एटीएम व्यवस्था दुरुस्त रहती है। यह बात अलग है कि तकनीकी खराबी के चलते एक या दो बार एटीएम बंद रखना पड़ता है।
विज्ञापन