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सदाचार अपनाने से बनेंगे श्रेष्ठ : सिंह
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:59 AM IST
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सदाचार अपनाने से बनेंगे श्रेष्ठ : सिंह
बिनौली (बागपत)। आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज तेड़ा में सोमवार को राष्ट्रीय आर्य छात्र सभा के तत्वावधान में छात्र एवं राष्ट्र निर्माण विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें बेहतर विचार रखने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया।
गोष्ठी में प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने कहा कि हमें श्रेष्ठ बनना है तो अपने विचार भी श्रेष्ठ करने होंगे। उन्होंने कहा कि सदाचार से ही मनुष्य श्रेष्ठ बनता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अच्छे विचारों के साथ मेहनत से विद्या प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में सहभागिता करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय आर्य छात्र सभा के आचार्य अवनीश आर्य ने कहा कि श्रेष्ठ बनने के लिए हमें हमारे माता-पिता विद्यालय में भेजते हैं। आपके गुरु भी आपको श्रेष्ठ बनाने के लिए अध्यापन कार्य कराते हैं। इसलिए श्रेष्ठ बनने के लिए गुरुजनों द्वारा सिखाई नैतिक मूल्यों और महापुरुषों के मूल्य और आदर्शों को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को श्रेष्ठ मार्ग पर चलने का संकल्प भी कराया। इस अवसर पर प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को वैदिक साहित्य देकर पुरस्कृत किया। संचालन मास्टर जय भगवान ने किया। इसमें रण सिंह, रामकिशन, विनोद आर्य, प्राची, छवि पांचाल, आरिफ ,मोहनीष आदि ने विचार रखे।
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बिनौली (बागपत)। आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज तेड़ा में सोमवार को राष्ट्रीय आर्य छात्र सभा के तत्वावधान में छात्र एवं राष्ट्र निर्माण विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें बेहतर विचार रखने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया।
गोष्ठी में प्रधानाचार्य धर्मपाल सिंह ने कहा कि हमें श्रेष्ठ बनना है तो अपने विचार भी श्रेष्ठ करने होंगे। उन्होंने कहा कि सदाचार से ही मनुष्य श्रेष्ठ बनता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अच्छे विचारों के साथ मेहनत से विद्या प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में सहभागिता करने का आह्वान किया।
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राष्ट्रीय आर्य छात्र सभा के आचार्य अवनीश आर्य ने कहा कि श्रेष्ठ बनने के लिए हमें हमारे माता-पिता विद्यालय में भेजते हैं। आपके गुरु भी आपको श्रेष्ठ बनाने के लिए अध्यापन कार्य कराते हैं। इसलिए श्रेष्ठ बनने के लिए गुरुजनों द्वारा सिखाई नैतिक मूल्यों और महापुरुषों के मूल्य और आदर्शों को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को श्रेष्ठ मार्ग पर चलने का संकल्प भी कराया। इस अवसर पर प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को वैदिक साहित्य देकर पुरस्कृत किया। संचालन मास्टर जय भगवान ने किया। इसमें रण सिंह, रामकिशन, विनोद आर्य, प्राची, छवि पांचाल, आरिफ ,मोहनीष आदि ने विचार रखे।
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