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आय दोगुनी करने का फार्मूला बताए सरकार : शास्त्री
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:13 AM IST
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बागपत। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने कहा कि आम बजट से किसानों को कोई फायदा होने वाला नहीं है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए खरीफ की फसलों के लिए हवाई एलान किए गए हैं। किसान की आय दोगुनी करना एक जुमला है, इसका सरकार के पास कोई फार्मूला नहीं है।
बृहस्पतिवार को आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शास्त्री ने कहा कि किसान की आय दोगुनी तब हो सकती है, जब प्रत्येक वर्ष उसकी आमदनी में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाए। किसान की जोत घट रही है और खेती की लागत बढ़ रही है। सरकार 2014 से किसान की आय दोगुनी करने की बात कह रही है, लेकिन तरीका अभी तक नहीं बताया गया। घोषणा पत्र में कृषि लागत एवं मूल्य में 10 के बजाए 50 प्रतिशत करने की बात कही थी, चार साल बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। खरीफ की अगली फसल की बुवाई जुलाई से अगस्त तक होगी और अक्तूबर के आसपास कटाई होनी है। लोकसभा चुनाव भी इसी समय के करीब होंगे। सिर्फ चुनाव में किसान को लुभाने के लिए खरीफ की फसल पर यह एलान किया गया है। सिंचाई के लिए 10 लाख करोड़ की आवश्यकता है, लेकिन व्यवस्था बेहद कम की गई है। मंडी समिति कानून में क्यों भाजपा सरकार सुधार नहीं करती। मंडी में किसान पिसता है और मंडी से बाहर आम आदमी। भाजपा बजट के बहाने सिर्फ हवाई घोषणाएं कर रही है, इससे किसान को बहुत ज्यादा फायदा होने वाला नहीं है।
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बृहस्पतिवार को आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शास्त्री ने कहा कि किसान की आय दोगुनी तब हो सकती है, जब प्रत्येक वर्ष उसकी आमदनी में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाए। किसान की जोत घट रही है और खेती की लागत बढ़ रही है। सरकार 2014 से किसान की आय दोगुनी करने की बात कह रही है, लेकिन तरीका अभी तक नहीं बताया गया। घोषणा पत्र में कृषि लागत एवं मूल्य में 10 के बजाए 50 प्रतिशत करने की बात कही थी, चार साल बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। खरीफ की अगली फसल की बुवाई जुलाई से अगस्त तक होगी और अक्तूबर के आसपास कटाई होनी है। लोकसभा चुनाव भी इसी समय के करीब होंगे। सिर्फ चुनाव में किसान को लुभाने के लिए खरीफ की फसल पर यह एलान किया गया है। सिंचाई के लिए 10 लाख करोड़ की आवश्यकता है, लेकिन व्यवस्था बेहद कम की गई है। मंडी समिति कानून में क्यों भाजपा सरकार सुधार नहीं करती। मंडी में किसान पिसता है और मंडी से बाहर आम आदमी। भाजपा बजट के बहाने सिर्फ हवाई घोषणाएं कर रही है, इससे किसान को बहुत ज्यादा फायदा होने वाला नहीं है।
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