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बाहरी मिलों पर बागपत का 170 करोड़ का कर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 19 May 2016 11:34 PM IST
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बागपत क्षेत्र की कई चीनी मिलें किसानों का बकाया चुकाने में ढुलमुल रवैया अपनाएं हुए हैं। बागपत के किसानों का बाहरी जिलों की नौ चीनी मिलों पर करीब 170 करोड़ रुपये बकाया हैं। सबसे ज्यादा बकाया बजाज ग्रुप की किनौनी चीनी मिल पर करीब 89 लाख रुपये हैं।
गन्ना का बकाया भुगतान नहीं होने से जनपद के हजारों किसान परिवार आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। बागपत के अलावा अन्य जिलों की चीनी मिलें किसानों का भुगतान नहीं कर रही है। गन्ने की पैदावार अधिक होने के कारण जिले के गन्ने को रमाला, बागपत और मलकपुर समितियों के माध्यम से इन बाहरी जिले की कुछ मिलों को भी गन्ने की सप्लाई की जाती हैं।
समितियों के बार बार कहने के बाद भी चीनी मिले गन्ने का भुगतान करने में कोई रुचि नहीं ले रही हैं। इससे किसानों में सरकार और गन्ना समितियों के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। जिला गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद के किसानों का विभिन्न् चीनी मिलों पर 170 करोड़ 73 लाख और 68 हजार रुपये बकाया हैं। बाहरी और जनपद की तीनों चीनी मिलों का किसानों पर 512 करोड़ 33 लाख 57 हजार रुपये बकाया है। गन्ना विभाग ने किसानों के बकाया भुगतान की रिपोर्ट शासन को भेज दी।
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इस तरह की जाती है आपूर्ति
बागपत। किनौनी शुगर मिल को बागपत और मलकपुर समितियों के क्षेत्र से गन्ना आपूर्ति की जाती है। दौराला और भैसाना मिल को रमाला और मलकपुर मिल क्षेत्र के किसान गन्ना देेते हैं। तितावी, खाईखेड़ी, खतौली मिल को रमाला समिति क्षेत्र और बृजनाथपुर और नंगला मिल क्षेत्र को बागपत समिति क्षेत्र के किसान गन्ने की आपूर्ति करते हैं।
बाहरी मिलों पर बकाया
शुगर मिल बकाया लाख में
किनौनी 8968.48
दौराला 353.36
भैसाना 3914.24
तितावी 1184.82
खाईखेड़ी 1257.41
खतौली 65.93
मोदीनगर 1117.20
बृजनाथपुर 134.48
नंगलामल 77.76
नोट- गन्ना विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार।
बागपत की चीनी मिलों पर बकाया
चीनी मिल बकाया लाख में
बागपत 3983.20
रमाला 4544.07
मलकपुर 25615.22
नोटः- गन्ना विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार।
बाहरी जनपदों की चीनी मिलों पर जिले के किसानों के करोड़ों रुपये बकाया है। किसानों का भुगतान कराने के लिए इन मिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। गन्ना आयुक्त को भी बकाया भुगतान के विषय में अवगत कराया जा चुका है। किसानों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कराने की कवायद की जा रही है। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी, बागपत।
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गन्ना का बकाया भुगतान नहीं होने से जनपद के हजारों किसान परिवार आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं। बागपत के अलावा अन्य जिलों की चीनी मिलें किसानों का भुगतान नहीं कर रही है। गन्ने की पैदावार अधिक होने के कारण जिले के गन्ने को रमाला, बागपत और मलकपुर समितियों के माध्यम से इन बाहरी जिले की कुछ मिलों को भी गन्ने की सप्लाई की जाती हैं।
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समितियों के बार बार कहने के बाद भी चीनी मिले गन्ने का भुगतान करने में कोई रुचि नहीं ले रही हैं। इससे किसानों में सरकार और गन्ना समितियों के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। जिला गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद के किसानों का विभिन्न् चीनी मिलों पर 170 करोड़ 73 लाख और 68 हजार रुपये बकाया हैं। बाहरी और जनपद की तीनों चीनी मिलों का किसानों पर 512 करोड़ 33 लाख 57 हजार रुपये बकाया है। गन्ना विभाग ने किसानों के बकाया भुगतान की रिपोर्ट शासन को भेज दी।
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इस तरह की जाती है आपूर्ति
बागपत। किनौनी शुगर मिल को बागपत और मलकपुर समितियों के क्षेत्र से गन्ना आपूर्ति की जाती है। दौराला और भैसाना मिल को रमाला और मलकपुर मिल क्षेत्र के किसान गन्ना देेते हैं। तितावी, खाईखेड़ी, खतौली मिल को रमाला समिति क्षेत्र और बृजनाथपुर और नंगला मिल क्षेत्र को बागपत समिति क्षेत्र के किसान गन्ने की आपूर्ति करते हैं।
बाहरी मिलों पर बकाया
शुगर मिल बकाया लाख में
किनौनी 8968.48
दौराला 353.36
भैसाना 3914.24
तितावी 1184.82
खाईखेड़ी 1257.41
खतौली 65.93
मोदीनगर 1117.20
बृजनाथपुर 134.48
नंगलामल 77.76
नोट- गन्ना विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार।
बागपत की चीनी मिलों पर बकाया
चीनी मिल बकाया लाख में
बागपत 3983.20
रमाला 4544.07
मलकपुर 25615.22
नोटः- गन्ना विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार।
बाहरी जनपदों की चीनी मिलों पर जिले के किसानों के करोड़ों रुपये बकाया है। किसानों का भुगतान कराने के लिए इन मिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। गन्ना आयुक्त को भी बकाया भुगतान के विषय में अवगत कराया जा चुका है। किसानों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कराने की कवायद की जा रही है। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी, बागपत।