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देर से शुरू हुई और देर रात तक चलती रही काउंटिंग
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बागपत। धीमी गति से हुई मतगणना के कारण देर रात तक नतीजे आए। जिस कारण प्रत्याशियों से लेकर उनके समर्थकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अफसर भी धीमी गति से हो रहे मतगणना से हैरान रहे। दस बजे के बाद पोस्टल बैलेट पेपरों की काउंटिंग को किया गया था।
लख्मी चंद पटवारी कॉलेज खेकड़ा में आठ बजे से मतों की गिनती होनी शुरू हो गई थी, लेकिन अन्य जिले के मुकाबले बागपत लोकसभा क्षेत्र की तीनों विधानसभा में धीमी गति से मतों की गणना होती। लोकसभा क्षेत्र के सिवाल खास और मोदीनगर की करीब चार बजे काउंटिंग पूरी हो गई थी, लेकिन बागपत, बड़ौत और छपरौली की दस बजे तक मतों की काउंटिंग होती रही। उसके बाद पोस्टल बैलेट पेपरों की काउंटिंग हुई। धीमी गति से हो रही मतों की गणना के कारण प्रत्याशियों के समर्थकों से लेकर मतगणना स्थल के आसपास लगाए गए अधिकारियों भी इससे हैरान रहे। शाम होते ही लोगों को दिक्कत होनी शुरू हो गई थी।
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लख्मी चंद पटवारी कॉलेज खेकड़ा में आठ बजे से मतों की गिनती होनी शुरू हो गई थी, लेकिन अन्य जिले के मुकाबले बागपत लोकसभा क्षेत्र की तीनों विधानसभा में धीमी गति से मतों की गणना होती। लोकसभा क्षेत्र के सिवाल खास और मोदीनगर की करीब चार बजे काउंटिंग पूरी हो गई थी, लेकिन बागपत, बड़ौत और छपरौली की दस बजे तक मतों की काउंटिंग होती रही। उसके बाद पोस्टल बैलेट पेपरों की काउंटिंग हुई। धीमी गति से हो रही मतों की गणना के कारण प्रत्याशियों के समर्थकों से लेकर मतगणना स्थल के आसपास लगाए गए अधिकारियों भी इससे हैरान रहे। शाम होते ही लोगों को दिक्कत होनी शुरू हो गई थी।
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