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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से जोड़े जाएंगे शामली-मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 01 Jun 2018 01:24 AM IST
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बागपत। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एलान के बाद दिल्ली-देहरादून हाइवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से शामली बाईपास तक 61.4 किमी के फोर लेन टुकड़े का निर्माण कराया जाएगा। इसका निर्माण 558.20 करोड़ की लागत से होगा। इस संबंध में टेंडर 17 जुलाई को खोला जाएगा। दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर तक का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून हाइवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को इसके लिए टेंडर जारी किए। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से आसपास के जिलों को जोड़ने के लिए पहले दिल्ली-देहरादून हाइवे का निर्माण यहीं से शुरू किया जाएगा। ताकि शामली और मुजफ्फरनगर के लोगों को सीधा लाभ मिल सके। दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर तक निर्माण होगा, इसके टेंडर भी जल्द ही जारी होंगे। पहले चरण के निर्माण में भारत माला परियोजना के अंतर्गत एलम में 2.8 किमी के बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। पूरे हाइवे के निर्माण की अधिकतम अवधि डेढ़ साल रखी गई है और कंपनी को चार साल तक इसका रख रखाव करना होगा। डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि एक्सप्रेस-वे से शामली बाईपास तक का निर्माण पहले चरण में होने से तीन जिलों के लोगों को त्वरित लाभ होगा। केंद्र सरकार ने लोगों से जो वायदा किया था, निश्चित तौर पर ही उसे पूरा किया जाएगा।
सुधरेंगे गढ़- सोनीपत हाइवे के दिन
बागपत। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से एनएचएआई को गढ़ -सोनीपत हाइवे हस्तनांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसकी पहले 8.5 करोड़ की लागत से मरम्मत होगी। जुलाई माह में इसके भी फोरलेन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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हाइवे का बागपत में 51 किमी का टुकड़ा
बागपत। दिल्ली - देहरादून हाइवे का बागपत में 51 किमी का टुकड़ा है। फोर लेन हाइवे बनने के बाद इसका और अधिक चौड़ीकरण किया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि आमजन के लाभ के लिए पहले इसे फोरलेन तैयार किया जाएगा, ताकि लोगों को लाभ हो सके।
455 करोड़ रुपये का हो चुका घोटाला
बागपत। फोर लेन प्रस्तावित हाइवे पर निर्माण की शुरूआत 30 मार्च 2012 को हुई । ठेकेदार कंपनी के डायरेक्टर्स सहित अन्य लोगों के खिलाफ 455 करोड़ के घपले का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके लिए बागपत जिले में करीब सात हजार पेड़ काटे गए थे। ठेकेदार कंपनी ने आखिरी बार गाजियाबाद के लोनी में फ्लाईओवर निर्माण का कार्य किया । नवंबर 2013 में यहां भी काम रोक दिया, इसके बाद कोई कार्य नहीं किया।
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून हाइवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को इसके लिए टेंडर जारी किए। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से आसपास के जिलों को जोड़ने के लिए पहले दिल्ली-देहरादून हाइवे का निर्माण यहीं से शुरू किया जाएगा। ताकि शामली और मुजफ्फरनगर के लोगों को सीधा लाभ मिल सके। दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर तक निर्माण होगा, इसके टेंडर भी जल्द ही जारी होंगे। पहले चरण के निर्माण में भारत माला परियोजना के अंतर्गत एलम में 2.8 किमी के बाईपास का निर्माण कराया जाएगा। पूरे हाइवे के निर्माण की अधिकतम अवधि डेढ़ साल रखी गई है और कंपनी को चार साल तक इसका रख रखाव करना होगा। डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि एक्सप्रेस-वे से शामली बाईपास तक का निर्माण पहले चरण में होने से तीन जिलों के लोगों को त्वरित लाभ होगा। केंद्र सरकार ने लोगों से जो वायदा किया था, निश्चित तौर पर ही उसे पूरा किया जाएगा।
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सुधरेंगे गढ़- सोनीपत हाइवे के दिन
बागपत। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से एनएचएआई को गढ़ -सोनीपत हाइवे हस्तनांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसकी पहले 8.5 करोड़ की लागत से मरम्मत होगी। जुलाई माह में इसके भी फोरलेन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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हाइवे का बागपत में 51 किमी का टुकड़ा
बागपत। दिल्ली - देहरादून हाइवे का बागपत में 51 किमी का टुकड़ा है। फोर लेन हाइवे बनने के बाद इसका और अधिक चौड़ीकरण किया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि आमजन के लाभ के लिए पहले इसे फोरलेन तैयार किया जाएगा, ताकि लोगों को लाभ हो सके।
455 करोड़ रुपये का हो चुका घोटाला
बागपत। फोर लेन प्रस्तावित हाइवे पर निर्माण की शुरूआत 30 मार्च 2012 को हुई । ठेकेदार कंपनी के डायरेक्टर्स सहित अन्य लोगों के खिलाफ 455 करोड़ के घपले का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके लिए बागपत जिले में करीब सात हजार पेड़ काटे गए थे। ठेकेदार कंपनी ने आखिरी बार गाजियाबाद के लोनी में फ्लाईओवर निर्माण का कार्य किया । नवंबर 2013 में यहां भी काम रोक दिया, इसके बाद कोई कार्य नहीं किया।