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वेद सब विद्याओं की जननी- सत्यपाल आर्य
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:22 AM IST
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दोघट (बागपत)। पंडित सत्यपाल आर्य ने कहा कि वेद सब विद्याओं की जननी है, इसलिए मनुष्य को वेदों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है।
मंगलवार को आजमपुर मुलसम में ब्रह्मचारी आर्य के आवास पर आयोजित यज्ञ में ब्रह्मा पद से बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने वेद को सभी सत्य विद्याओं की जननी कहा है। वेद में जन्म लेकर मृत्यु तक मानव के सभी क्रिया कलापों, संस्कार और जीवन जीने की कला पर प्रकाश डाला है। यदि मनुष्य वेद के मार्ग पर चलता है तो सद्गति को प्राप्त करता है। हमारे बुजुर्ग सभी वेदों के अनुसार अनुसरण करते थे। हमें अपने पूर्वजों से शिक्षा लेनी चाहिए। जो संतान अपने बड़ों की सेवा करती है, उसे आयु, यश, बुद्धि व बल आशीर्वाद स्वरूप प्राप्त होता है। अत: हमें अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। यज्ञमान सत्यपाल रहे। इसमें चौधरी मांगेराम, ब्रहम पाल, सोहन पाल आर्य, रामनाथ, मास्टर पुष्पेंद्र, मास्टर आनंद, रविंद्र जैन, पवन, जयपाल, ब्रह्मचारी आर्य, कुलदीप आर्य, विजय लक्ष्मी, राजेंद्र कुमार, नरेश पाल, रविंद्र, हरी सिंह, अनुभव शास्त्री, मनोहर शास्त्री, सौरभ, वैभव, आरव, सुदेश कुमार, सोहनलाल आदि रहे।
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मंगलवार को आजमपुर मुलसम में ब्रह्मचारी आर्य के आवास पर आयोजित यज्ञ में ब्रह्मा पद से बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने वेद को सभी सत्य विद्याओं की जननी कहा है। वेद में जन्म लेकर मृत्यु तक मानव के सभी क्रिया कलापों, संस्कार और जीवन जीने की कला पर प्रकाश डाला है। यदि मनुष्य वेद के मार्ग पर चलता है तो सद्गति को प्राप्त करता है। हमारे बुजुर्ग सभी वेदों के अनुसार अनुसरण करते थे। हमें अपने पूर्वजों से शिक्षा लेनी चाहिए। जो संतान अपने बड़ों की सेवा करती है, उसे आयु, यश, बुद्धि व बल आशीर्वाद स्वरूप प्राप्त होता है। अत: हमें अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। यज्ञमान सत्यपाल रहे। इसमें चौधरी मांगेराम, ब्रहम पाल, सोहन पाल आर्य, रामनाथ, मास्टर पुष्पेंद्र, मास्टर आनंद, रविंद्र जैन, पवन, जयपाल, ब्रह्मचारी आर्य, कुलदीप आर्य, विजय लक्ष्मी, राजेंद्र कुमार, नरेश पाल, रविंद्र, हरी सिंह, अनुभव शास्त्री, मनोहर शास्त्री, सौरभ, वैभव, आरव, सुदेश कुमार, सोहनलाल आदि रहे।