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एक पात्र और दो बैंकों ने माफ कर दिए डेढ लाख
Updated Thu, 14 Sep 2017 02:08 AM IST
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बागपत। कृषक ऋण मोचन योजना की पहली सूची में कई खामियां सामने आ रही है। एक ही आधार कार्ड पर किसान को दो बैंकों से योजना के लिए चयनित किया गया है। किसान का डेढ़ लाख रुपये के करीब कर्ज माफ हुआ है। गलती पकड़ में आने पर प्रशासन ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
सूबे की सरकार में कर्ज माफी के लिए कृषक ऋण मोचन योजना चलाई है, इसके तहत एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जा रहा है। पहली सूची में 5480 कृषकों का कर्ज माफ किया गया है। इसमें ऐसे किसान हैं, जिनके नौ रुपये तक माफ किए गए हैं। पहली सूची के अनुसार 60 प्रतिशत किसानों का एक लाख रुपये तक का माफ हुआ है। 35 प्रतिशत में 50 हजार रुपये से ऊपर तक का कर्ज माफ हुआ है। इस सूची में काफी गलतियां भी हैं। ऐसे किसानों का भी चयन किया गया है, जिसने दो बैंकों से अपने ऋण को माफ करवा लिया है। नौरोजपुर गुर्जर गांव में एक किसान ने दो बैंकों से लोन लिया था। एक बैंक से करीब 96 हजार और दूसरे बैंक से करीब 52 हजार का योजना के लिए चयन किया गया है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी भाष्कर दत्त पांडेय ने इसकी पड़ताल की। इस संबंध में डीएम भवानी सिंह खंगारौत को अवगत कराया गया। इसके अलावा अन्य प्रकरण भी प्रकाश में आ रहे है, जिसमें गलतियां हैं।
नांगल के किसान के 11 रुपये माफ
बड़ौत। नांगल गांव के किसान देवेंद्र सिंह पुत्र राम नारायण ने इलाहाबाद बैंक में खाता था। उन्हें मात्र 11 रुपये ही ऋण माफी के रूप में हुए हैं। अमित पुत्र जग्गा निवासी तमेला गढ़ी है। जिनका केनरा बैंक में खाता था, उनके 18 रुपये ही माफ हुए हैं। किरण पाल पुत्र बीरबल निवासी किशनपुर बिराल जिनका सिंडिकेट बैंक में खाता था। उनके मात्र 23 रुपये ही कर्ज माफी के रूप में माफ हुए हैं। मुन्नी देवी पत्नी हरपाल निवासी कुर्डी जिनका इलाहाबाद बैंक में खाता था, उनके 61 रुपये ही माफ हुए हैं। विजयपाल निवासी मुकंदपुर के भी 50 रुपये ही मात्र माफ हुए हैं। बड़ौत तहसील में पहले 13 हजार किसानों की सूची तैयार की गई थी। इसके बाद पहली सूची 7299 की तैयार हुई। इसके बाद संशोधित सूची 2750 किसानों की पास हुई।
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एक लाख तक का ऋण माफ
एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा नियम के तहत अधिकतम एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ इस योजना के अंतर्गत होना है। इसके तहत किसानों को ऋण माफी के तौर पर नौ रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक ऋण माफ किया गया है।
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सूबे की सरकार में कर्ज माफी के लिए कृषक ऋण मोचन योजना चलाई है, इसके तहत एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जा रहा है। पहली सूची में 5480 कृषकों का कर्ज माफ किया गया है। इसमें ऐसे किसान हैं, जिनके नौ रुपये तक माफ किए गए हैं। पहली सूची के अनुसार 60 प्रतिशत किसानों का एक लाख रुपये तक का माफ हुआ है। 35 प्रतिशत में 50 हजार रुपये से ऊपर तक का कर्ज माफ हुआ है। इस सूची में काफी गलतियां भी हैं। ऐसे किसानों का भी चयन किया गया है, जिसने दो बैंकों से अपने ऋण को माफ करवा लिया है। नौरोजपुर गुर्जर गांव में एक किसान ने दो बैंकों से लोन लिया था। एक बैंक से करीब 96 हजार और दूसरे बैंक से करीब 52 हजार का योजना के लिए चयन किया गया है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी भाष्कर दत्त पांडेय ने इसकी पड़ताल की। इस संबंध में डीएम भवानी सिंह खंगारौत को अवगत कराया गया। इसके अलावा अन्य प्रकरण भी प्रकाश में आ रहे है, जिसमें गलतियां हैं।
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नांगल के किसान के 11 रुपये माफ
बड़ौत। नांगल गांव के किसान देवेंद्र सिंह पुत्र राम नारायण ने इलाहाबाद बैंक में खाता था। उन्हें मात्र 11 रुपये ही ऋण माफी के रूप में हुए हैं। अमित पुत्र जग्गा निवासी तमेला गढ़ी है। जिनका केनरा बैंक में खाता था, उनके 18 रुपये ही माफ हुए हैं। किरण पाल पुत्र बीरबल निवासी किशनपुर बिराल जिनका सिंडिकेट बैंक में खाता था। उनके मात्र 23 रुपये ही कर्ज माफी के रूप में माफ हुए हैं। मुन्नी देवी पत्नी हरपाल निवासी कुर्डी जिनका इलाहाबाद बैंक में खाता था, उनके 61 रुपये ही माफ हुए हैं। विजयपाल निवासी मुकंदपुर के भी 50 रुपये ही मात्र माफ हुए हैं। बड़ौत तहसील में पहले 13 हजार किसानों की सूची तैयार की गई थी। इसके बाद पहली सूची 7299 की तैयार हुई। इसके बाद संशोधित सूची 2750 किसानों की पास हुई।
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एक लाख तक का ऋण माफ
एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा नियम के तहत अधिकतम एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ इस योजना के अंतर्गत होना है। इसके तहत किसानों को ऋण माफी के तौर पर नौ रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक ऋण माफ किया गया है।