{"_id":"5963d2084f1c1b7d718b462b","slug":"151499714056-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इन गड्ढ़ों से कैसे गुजरेंगे कांवडिए?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इन गड्ढ़ों से कैसे गुजरेंगे कांवडिए?
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। श्रावण माह में भगवान आशुतोष की आराधना शुरू हो चुकी है। गंगाजल लेने के लिए श्रद्धालुओं का जत्था पहुंच रहा है, लेकिन खराब सड़कें कांवड़ियों का इम्तिहान लेगी। हरियाणा के कांवड़ियों का दिल्ली-सहारनपुर और गढ़ - सोनीपत मार्ग से गुजरने में मुश्किलें होगी। मार्ग के गड्ढों से शिवभक्तों को परेशानी होगी। मार्ग में गहरे गड्ढे हैं, इनके कारण मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति रहती है।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ियों का सैलाब बागपत से गुजरता है। बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर यूपी के कांवड़िएं दाहा से बरनावा होते हुए पुरा महादेव मंदिर परिसर तक चले जाते हैं, जबकि हरियाणा के कांवड़ियों का सैलाब दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गौरीपुर मोड़ से होते सोनीपत जाता है। सहारनपुर हाईवे की हालत बेहद खस्ता है। बड़ौत से बागपत के बीच में गड्ढे ही गड्ढे हैं। सरूरपुर कलां और गौरीपुर मोड़ पर बने गड्ढों से कांवड़िएं कैसे गुजरेंगे। यही नहीं गौरीपुर मोड़ से शिवभक्त सोनीपत-गढ़ मार्ग पर चले जाएंगे, इसकी हालत भी हरियाणा बार्डर तक बेहद ही खराब है। इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते हैं। गौरीपुर मोड़ के टी प्वाइंट पर आए दिन जाम लगता है। बागपत के प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल भी इसके निर्माण के लिए कह चुके हैं, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ। मार्ग के गड्ढे भरे जाने की फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
उपशा के अधिकारियों का कहना है कि मार्ग का रख रखाव उपशा सहारनपुर के अधिकारी कर रहे हैं। पिछले वर्ष बागपत, शामली, सहारनपुर में 15.03 करोड़ रुपये की धनराशि से मरम्मत का कार्य कराया था। 5.91 करोड़ की लागत से बागपत में काम हुआ। इसमें सिसाना, गौरीपुर मोड़, सरूरपुर और बावली में खड़ंजा लगाने की मरम्मत का कार्य कराया। शेष धनराशि से शामली और सहारनपुर में कार्य कराया।
विज्ञापन
हाईवे निर्माण को लेकर संशय बना हुआ है। निर्माण कंपनी के घपले के बाद अब इसका निर्माण राजमार्ग प्राधिकरण से कराने की तैयारी है। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा मंगलवार को इसकी घोषणा हो सकता है। यही कारण है कि उपशा फिलहाल इस पर बजट खर्च करने के लिए तैयार नहीं है, जिस कारण कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग के गड्ढे भरे जाने की संभावना नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ियों का सैलाब बागपत से गुजरता है। बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर यूपी के कांवड़िएं दाहा से बरनावा होते हुए पुरा महादेव मंदिर परिसर तक चले जाते हैं, जबकि हरियाणा के कांवड़ियों का सैलाब दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गौरीपुर मोड़ से होते सोनीपत जाता है। सहारनपुर हाईवे की हालत बेहद खस्ता है। बड़ौत से बागपत के बीच में गड्ढे ही गड्ढे हैं। सरूरपुर कलां और गौरीपुर मोड़ पर बने गड्ढों से कांवड़िएं कैसे गुजरेंगे। यही नहीं गौरीपुर मोड़ से शिवभक्त सोनीपत-गढ़ मार्ग पर चले जाएंगे, इसकी हालत भी हरियाणा बार्डर तक बेहद ही खराब है। इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते हैं। गौरीपुर मोड़ के टी प्वाइंट पर आए दिन जाम लगता है। बागपत के प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल भी इसके निर्माण के लिए कह चुके हैं, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ। मार्ग के गड्ढे भरे जाने की फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
उपशा के अधिकारियों का कहना है कि मार्ग का रख रखाव उपशा सहारनपुर के अधिकारी कर रहे हैं। पिछले वर्ष बागपत, शामली, सहारनपुर में 15.03 करोड़ रुपये की धनराशि से मरम्मत का कार्य कराया था। 5.91 करोड़ की लागत से बागपत में काम हुआ। इसमें सिसाना, गौरीपुर मोड़, सरूरपुर और बावली में खड़ंजा लगाने की मरम्मत का कार्य कराया। शेष धनराशि से शामली और सहारनपुर में कार्य कराया।
विज्ञापन
हाईवे निर्माण को लेकर संशय बना हुआ है। निर्माण कंपनी के घपले के बाद अब इसका निर्माण राजमार्ग प्राधिकरण से कराने की तैयारी है। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा मंगलवार को इसकी घोषणा हो सकता है। यही कारण है कि उपशा फिलहाल इस पर बजट खर्च करने के लिए तैयार नहीं है, जिस कारण कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग के गड्ढे भरे जाने की संभावना नजर नहीं आ रही है।