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हंगामे के बीच राशन दुकान आवंटित
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:48 AM IST
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हंगामे के बीच राशन दुकान आवंटित
बागपत। काठा गांव में राशन की दुकान को लेकर खुली बैठक में हंगामा हुआ। इसमें तीन महिला उम्मीदवार ने दावेदारी पेश की। भारी पुलिस फोर्स के बीच अमिता के नाम सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन किया गया। विपक्ष के लोगों ने मतदान में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने लोगों को वहां से खदेड़ा।
काठा गांव में पिछले दो माह से सस्ते की गल्ले की दुकान निरस्त चल रही थी। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से अन्य दुकान पर इसे अटैच किया हुआ था। ग्रामीण खुली बैठक कर दुकान के लिए वोटिंग कराने की मांग कर रहे थे। विभाग की ओर से शुक्रवार को गांव की प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में खुली बैठक का आयोजन किया गया। इसमें राकेश देवी पत्नी इलाम सिंह, अनिता पत्नी सत्यवीर सिंह और रेनू पत्नी लोकेंद्र ने दावेदारी पेश करते हुए उम्मीदवार बनाया गया।
ग्राम पंचायत अधिकारी सुनील बंसल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत शीशपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी फारूख ने कोटेदारों के लिए हुए मतों की गणना की। सुनील बंसल के मुताबिक अनीता के पक्ष में लोगों ने 234 मतदान हुआ जबकि राकेश देवी के पक्ष में 204 मत रहे। रेनू ने अपना समर्थन अनीता को दे दिया था। इसके बाद ज्यादा बहुमत के चलते अनीता को विजयी घोषित करते हुए सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन उनके पक्ष में कर दिया गया। प्रधान गुड्डी, तेजपाल मैनेजर, पूर्व प्रधान अजेंद्र, यशवीर, सत्यवीर मौजूद रहे। उधर, दूसरे पक्ष के कृष्णपाल उर्फ काला, ओम सिंह, रोहित, हरेंद्र, राजू, ओमवीर सिंह मतदान गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे। झगड़े की आशंका को देखते हुए प्रशासन की और से पहले भी भारी मात्रा में पुलिस और पीएसी बल तैनात की गई थी।
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बागपत। काठा गांव में राशन की दुकान को लेकर खुली बैठक में हंगामा हुआ। इसमें तीन महिला उम्मीदवार ने दावेदारी पेश की। भारी पुलिस फोर्स के बीच अमिता के नाम सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन किया गया। विपक्ष के लोगों ने मतदान में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने लोगों को वहां से खदेड़ा।
काठा गांव में पिछले दो माह से सस्ते की गल्ले की दुकान निरस्त चल रही थी। जिला आपूर्ति विभाग की ओर से अन्य दुकान पर इसे अटैच किया हुआ था। ग्रामीण खुली बैठक कर दुकान के लिए वोटिंग कराने की मांग कर रहे थे। विभाग की ओर से शुक्रवार को गांव की प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में खुली बैठक का आयोजन किया गया। इसमें राकेश देवी पत्नी इलाम सिंह, अनिता पत्नी सत्यवीर सिंह और रेनू पत्नी लोकेंद्र ने दावेदारी पेश करते हुए उम्मीदवार बनाया गया।
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ग्राम पंचायत अधिकारी सुनील बंसल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत शीशपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी फारूख ने कोटेदारों के लिए हुए मतों की गणना की। सुनील बंसल के मुताबिक अनीता के पक्ष में लोगों ने 234 मतदान हुआ जबकि राकेश देवी के पक्ष में 204 मत रहे। रेनू ने अपना समर्थन अनीता को दे दिया था। इसके बाद ज्यादा बहुमत के चलते अनीता को विजयी घोषित करते हुए सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन उनके पक्ष में कर दिया गया। प्रधान गुड्डी, तेजपाल मैनेजर, पूर्व प्रधान अजेंद्र, यशवीर, सत्यवीर मौजूद रहे। उधर, दूसरे पक्ष के कृष्णपाल उर्फ काला, ओम सिंह, रोहित, हरेंद्र, राजू, ओमवीर सिंह मतदान गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे। झगड़े की आशंका को देखते हुए प्रशासन की और से पहले भी भारी मात्रा में पुलिस और पीएसी बल तैनात की गई थी।
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