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घिटौरा में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी मिली
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:34 AM IST
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घिटौरा में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी मिली
बागपत। घिटौरा गांव में सीडीओ चांदनी सिंह को शौचालयों में कई तरह की खामियां मिलीं। इनमें घटिया सामग्री और मानकों का पालन न करने की स्थिति सामने आई।
गड़बड़ी मिली। इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने निगरानी समिति की बैठक ली थी। इसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर ने बताया कि घिटौरा गांव में शौचालयों के लिए लाखों रुपये का बजट जारी किया गया था। सभी का निर्माण नहीं हुआ और जो बनाए गए हैं, वे मानक के अनुसार नहीं है। इनमें अनियमितताएं बरती गई हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री ने जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश सीडीओ चांदनी सिंह को दिए थे। उन्होंने गांव पहुंचकर शौचालय की जांच की। इसमें काफी गड़बड़ी मिली। पात्रों की संख्या कम मिली और बजट अधिक जारी किया गया है। पंद्रह शौचालयों का सत्यापन किया तो जिसमें घटिया सामाग्री का प्रयोग किया गया। शौचालयों में दरवाजे काफी हल्के लगे मिले। गड्ढों की दूरी काफी थी। गड्ढे मानक के अनुसार नहीं बनाने, शौचालयों का लक्ष्य अधिक रखने, जबकि लक्ष्य के अनुरूप शौचालयों की आवश्यकता काफी कम मिली।
सीडीओ ने डीपीआरओ को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि तत्काल गांव में जाकर शौचालयों की जांच करें और वहां आवश्यकता के अनुसार लक्ष्य को छोड़कर अन्य शेष बजट वापस मंगवाने के लिए कहा है। साथ ही सभी शौचालयों को दोबारा मानक के अनुसार बनवाने जाए। दोषी प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ शौचालयों में गबन मानते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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बागपत। घिटौरा गांव में सीडीओ चांदनी सिंह को शौचालयों में कई तरह की खामियां मिलीं। इनमें घटिया सामग्री और मानकों का पालन न करने की स्थिति सामने आई।
गड़बड़ी मिली। इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने निगरानी समिति की बैठक ली थी। इसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर ने बताया कि घिटौरा गांव में शौचालयों के लिए लाखों रुपये का बजट जारी किया गया था। सभी का निर्माण नहीं हुआ और जो बनाए गए हैं, वे मानक के अनुसार नहीं है। इनमें अनियमितताएं बरती गई हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री ने जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश सीडीओ चांदनी सिंह को दिए थे। उन्होंने गांव पहुंचकर शौचालय की जांच की। इसमें काफी गड़बड़ी मिली। पात्रों की संख्या कम मिली और बजट अधिक जारी किया गया है। पंद्रह शौचालयों का सत्यापन किया तो जिसमें घटिया सामाग्री का प्रयोग किया गया। शौचालयों में दरवाजे काफी हल्के लगे मिले। गड्ढों की दूरी काफी थी। गड्ढे मानक के अनुसार नहीं बनाने, शौचालयों का लक्ष्य अधिक रखने, जबकि लक्ष्य के अनुरूप शौचालयों की आवश्यकता काफी कम मिली।
सीडीओ ने डीपीआरओ को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि तत्काल गांव में जाकर शौचालयों की जांच करें और वहां आवश्यकता के अनुसार लक्ष्य को छोड़कर अन्य शेष बजट वापस मंगवाने के लिए कहा है। साथ ही सभी शौचालयों को दोबारा मानक के अनुसार बनवाने जाए। दोषी प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ शौचालयों में गबन मानते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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