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सड़कों पर हर साल बढ़ रहे 12 हजार वाहन

Tue, 17 Nov 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 11:33 PM IST
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12 thousand vehicles are increasing every year on the roads
बड़ौत की गांधी रोड़ पर लगा कूड़े के ढेर। - फोटो : BARAUT
कैसे थमे प्रदूषण
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- वाहन बढ़ने के कारण वायु प्रदूषण भी बढ़ा, प्लास्टिक का बढ़ता प्रयोग भी खड़ी कर रहा मुश्किल
- कूड़ा निस्तारण के भी अधूर इंतजाम, बड़ौत पालिका के पास नहीं डंपिंग ग्राउंड
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कूड़ा निस्तारण के आधे-अधूरे इंतजाम ने मुश्किल खड़ी कर दी है। जिले की सबसे बड़ी पालिका बड़ौत के पास कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड तक नहीं है। कूड़ा इधर-उधर फेंका जाता है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा जिले में हर साल 12 हजार वाहन बढ़ रहे हैं। जिले में वर्तमान में डीजल और पेट्रोल के दो लाख 32 हजार 598 वाहन संचालित हैं। एआरटीओ सुभाष राजपूत का कहना है कि सबसे ज्यादा दुपहिया और सामान की ढुलाई करने वाले वाहनों की संख्या बढ़ रही है। प्लास्टिक के बढ़ते प्रयोग ने मुश्किल खड़ी कर दी है। इधर-उधर फेंके जाने के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। रोक का कोई असर नहीं दिख रहा है।
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इस तरह बढ़ा और घटा एक्यूआई
धनतेरस 438
नरक चतुर्दशी 392
दिवाली 450
गोवर्धन 471
भैयादूज 111
दिवाली की रातभर आतिशबाजी, मुकदमे सिर्फ दस
बागपत। प्रदूषण थमे तो आखिर कैसे। प्रतिबंध हवाई साबित हुए। दिवाली की रात जिले में पटाखे छोड़े गए, लेकिन पुलिस कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई है। दिवाली पर जिले में सिर्फ आठ पटाखा विक्रेताओं और दो पटाखा छुड़ाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सीओ सदर ओमपाल सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई है। जहां पटाखे बिकते मिले, उन पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
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- प्रभारी सीएमओ डॉ भुजवीर सिंह का कहना है कि मास्क, सोशल डिस्टेंस और स्वयं और आसपास की स्वच्छता रखा जाना जरूरी है। सभी व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझें।
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- दोआबा पर्यावरण समिति के चेयरमैन डॉ चंद्रवीर राणा का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए धरातल पर काम जरूरी है। कोरोना से निपटने के लिए जन जागरूकता जरूरी है।
इस तरह ठिकाने लगाया जा रहा कूड़ा
बड़ौत। नगरपालिका के पास 53 स्थायी सफाई कर्मचारी है, जबकि दस हजार की संख्या पर 28 सफाई कर्मचारी शासनादेश के अनुसार होने चाहिए। 2007 के बाद स्थायी सफाई कर्मचारियों की नियुक्त पर रोक लगी हुई है, ऐसे में नगरपालिका के अधिकारी कूड़ा उठाने के लिए 38 संविदा कर्मचारियों व 170 सफाई कर्मचारियों को ठेके पर रखकर सफाई कार्य को पूरा कराया जाता है। नगर से प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। गांधी रोड पर मैनावती अस्पताल के पास, नेहरू रोड पर ट्रांसफार्मर के पास, वीर स्मारक इंटर कॉलेज के पास, बड़का रोड पर कूड़ा फेंक दिया जाता है। सफाई निरीक्षक सुशील कुमार शर्मा का कहना है कि एमआरएफ सेंटर अमीनगर सराय रोड पर चिह्नित किया गया है, जिस पर 33 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

14 नालों का गंदा पानी यमुना में
बागपत। जिले से होकर गुजर रही हिंडन, कृष्णा और यमुना नदी में भी प्रदूषित जल प्रवाहित किया जाता है। नदियों किनारे के गांव का पानी भी नदियों में प्रभावित होता है। बागपत नगर के 14 नालों का पानी यमुना में प्रवाहित किया जाता है, जिससे जल प्रदूषण फैल रहा है।
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