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बायोडायवर्सिटी पार्क से बढ़ेगा पर्यटन, जीव-जंतुओं को मिलेगा संरक्षण
Updated Mon, 03 Dec 2018 01:07 AM IST
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बागपत। हिंडन नदी के किनारे बायो डायवर्सिटी पार्क के जरिये पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी है। प्रशासन जमीन की तलाश में जुटा है। डीएम ने एडीएम को इस बाबत निर्देश दिए हैं। वन, उद्यान और कृषि विभाग अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
हिंडन और कृष्णा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कार्य योजना पर काम चल रहा है। नदी के किनारे पौधरोपण का प्लान है। इससे पर्यावरण तो शुद्ध होगा ही, वहीं जीव और जंतु भी संरक्षित होंगे। नदी के आसपास के गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) करने के भी शासनादेश है। अब हिंडन के किनारे बायो डायवर्सिटी पार्क बनाया जाएगा। इसमें पौधरोपण होगा। इसके बाद यहां पर जीव और जंतुओं को संरक्षण दिया जाएगा। जिले में जीवों को संरक्षित कर उन्हें पार्क में छोड़ा जाएगा। प्रशासन से प्रोजेक्ट को पर्यटन की दृष्टि से भी देख रहा है। जब पार्क बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा तब यहां पर लोगों का आवागमन बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट पर प्रशासन काम कर रहा है।
सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा हिंडन नदी के किनारे बायो डायवर्सिटी पार्क बनना प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन का खोज चल रही है। जैसे जमीन मिलेगी उसी आधार पर कार्य होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हिंडन भी प्रदूषण मुक्त हो जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आदेशित किया हुआ है।
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मवी खुर्द में मिली है भूमि, जल्द कराएंगे पैमाइश
बागपत। वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बायो डायवर्सिटी पार्क से पशु, पक्षी संरक्षित होंगे। वन विभाग की ओर से पार्क में पौधरोपण किया जाएगा। अभी मवी खुर्द गांव में पांच-छह हेक्टेयर भूमि की सूची मिली है। एसडीएम बागपत से मिलकर उक्त भूमि की पैमाइश कराई जाएगी। उसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसमें उद्यान ओर कृषि विभाग का सहयोग मिलेगा।
जिले में इन प्रजापति के पशु और पक्षी
बागपत। हिरन की विभिन्न प्रजातियां है, जिनमें ताड़ा, बारा सिंघा, संभार, चीतल है। नील गाय, जंगली सूकर, विभिन्न प्रजाति के सांप, खरगोश, गीदड़, संभावित तेंदुआ, जंगली बिल्ली है। पक्षियों में गोगई, स्परो (मुनिया) कबूतर, तोता, कौआ, बगुले, जंगली कबूतर, नीलकंट, मोर, मोहक, गौरैया सहित अन्य प्रजाति के पक्षी शामिल हैं।
पर्यटन बढ़ा तो पूरी तरह विकसित कराएंगे
बागपत। डीडीओ हुब लाल ने बताया कि बायो डायवर्सिटी पार्क सही प्रकार से चल जाएगा, उसको विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा। चारदीवारी और अन्य व्यवस्था कराई जाएगी। पर्यटन बढ़ा तो उनके लिए भी अलग से व्यवस्था कराएंगे। फिलहाल पार्क की अभी शुरूआत कराई जा रही है। इस पर कार्य तेजी से करने के लिए निर्देशित किया है।
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हिंडन और कृष्णा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कार्य योजना पर काम चल रहा है। नदी के किनारे पौधरोपण का प्लान है। इससे पर्यावरण तो शुद्ध होगा ही, वहीं जीव और जंतु भी संरक्षित होंगे। नदी के आसपास के गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) करने के भी शासनादेश है। अब हिंडन के किनारे बायो डायवर्सिटी पार्क बनाया जाएगा। इसमें पौधरोपण होगा। इसके बाद यहां पर जीव और जंतुओं को संरक्षण दिया जाएगा। जिले में जीवों को संरक्षित कर उन्हें पार्क में छोड़ा जाएगा। प्रशासन से प्रोजेक्ट को पर्यटन की दृष्टि से भी देख रहा है। जब पार्क बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा तब यहां पर लोगों का आवागमन बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट पर प्रशासन काम कर रहा है।
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सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा हिंडन नदी के किनारे बायो डायवर्सिटी पार्क बनना प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन का खोज चल रही है। जैसे जमीन मिलेगी उसी आधार पर कार्य होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हिंडन भी प्रदूषण मुक्त हो जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आदेशित किया हुआ है।
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मवी खुर्द में मिली है भूमि, जल्द कराएंगे पैमाइश
बागपत। वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बायो डायवर्सिटी पार्क से पशु, पक्षी संरक्षित होंगे। वन विभाग की ओर से पार्क में पौधरोपण किया जाएगा। अभी मवी खुर्द गांव में पांच-छह हेक्टेयर भूमि की सूची मिली है। एसडीएम बागपत से मिलकर उक्त भूमि की पैमाइश कराई जाएगी। उसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसमें उद्यान ओर कृषि विभाग का सहयोग मिलेगा।
जिले में इन प्रजापति के पशु और पक्षी
बागपत। हिरन की विभिन्न प्रजातियां है, जिनमें ताड़ा, बारा सिंघा, संभार, चीतल है। नील गाय, जंगली सूकर, विभिन्न प्रजाति के सांप, खरगोश, गीदड़, संभावित तेंदुआ, जंगली बिल्ली है। पक्षियों में गोगई, स्परो (मुनिया) कबूतर, तोता, कौआ, बगुले, जंगली कबूतर, नीलकंट, मोर, मोहक, गौरैया सहित अन्य प्रजाति के पक्षी शामिल हैं।
पर्यटन बढ़ा तो पूरी तरह विकसित कराएंगे
बागपत। डीडीओ हुब लाल ने बताया कि बायो डायवर्सिटी पार्क सही प्रकार से चल जाएगा, उसको विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा। चारदीवारी और अन्य व्यवस्था कराई जाएगी। पर्यटन बढ़ा तो उनके लिए भी अलग से व्यवस्था कराएंगे। फिलहाल पार्क की अभी शुरूआत कराई जा रही है। इस पर कार्य तेजी से करने के लिए निर्देशित किया है।