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धरनारत लोगों पर हमले के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:54 AM IST
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दोघट (बागपत)।
कान्हड़ गांव में जलभराव की समस्या को लेकर तीसरे दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी रहा। शुक्रवार को धरनारत लोगों पर हमले की घटना के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। जबकि गांव में तनाव है।
धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि गांव में पलड़ी मार्ग पर कई सालों से जलभराव की समस्या है। जलनिकासी के लिए कोई नाला न होने के कारण रास्ते पर ही गंदा पानी भरा रहता है। ग्रामीणों को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। यह मार्ग कई गांव को आपस में जोड़ता है। रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जा भी कर रखा है। ग्राम प्रधान नरेंद्र अहलावत ने पिछले दिनों रास्ते की पैमाइश कराकर निशानदेही भी कराई, लेकिन अभी तक प्रशासन ने जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई। ग्रामीण तीन दिन से धरने पर बैठे हैं, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने धरने पर पहुंचकर उनकी सुध नहीं ली। जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, धरना जारी रहेगा।
वहीं शुक्रवार को धरने पर बैठे लोगों पर हमले की घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इस घटना के बाद भी प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इस मौके पर प्रधान नरेंद्र अहलावत, जयपाल सिंह, तेजपाल सिंह धनौरा, ओमवीर, सुरेंद्र, संजीव, कंवर पाल, सुधीर, सुभाष, राजेंद्र, जितेंद्र, नरेंद्र,, तेजपाल, ओमकार, ऋषिपाल, निरंकार, राजवीर, सोनू, राहुल, हरबीर, मुनेश, अनुराग शर्मा, राजेश, उषा, रेखा, राकेश देवी, सरोज, रोहतास, सुनीता आदि रहे।
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कान्हड़ गांव में जलभराव की समस्या को लेकर तीसरे दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी रहा। शुक्रवार को धरनारत लोगों पर हमले की घटना के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। जबकि गांव में तनाव है।
धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि गांव में पलड़ी मार्ग पर कई सालों से जलभराव की समस्या है। जलनिकासी के लिए कोई नाला न होने के कारण रास्ते पर ही गंदा पानी भरा रहता है। ग्रामीणों को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। यह मार्ग कई गांव को आपस में जोड़ता है। रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जा भी कर रखा है। ग्राम प्रधान नरेंद्र अहलावत ने पिछले दिनों रास्ते की पैमाइश कराकर निशानदेही भी कराई, लेकिन अभी तक प्रशासन ने जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई। ग्रामीण तीन दिन से धरने पर बैठे हैं, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने धरने पर पहुंचकर उनकी सुध नहीं ली। जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, धरना जारी रहेगा।
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वहीं शुक्रवार को धरने पर बैठे लोगों पर हमले की घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इस घटना के बाद भी प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इस मौके पर प्रधान नरेंद्र अहलावत, जयपाल सिंह, तेजपाल सिंह धनौरा, ओमवीर, सुरेंद्र, संजीव, कंवर पाल, सुधीर, सुभाष, राजेंद्र, जितेंद्र, नरेंद्र,, तेजपाल, ओमकार, ऋषिपाल, निरंकार, राजवीर, सोनू, राहुल, हरबीर, मुनेश, अनुराग शर्मा, राजेश, उषा, रेखा, राकेश देवी, सरोज, रोहतास, सुनीता आदि रहे।
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