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चर्म शोधन इकाइयों के विरोध अनिश्चित कालीन धरना शुरू
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:24 AM IST
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दोघट (बागपत)। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरण नहीं कराया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि गांव में कई दशक से चर्म शोधन इकाइयां चल रही हैं। इनसे निकलने वाले दूषित पानी ने तालाब सहित भू-जल को भी प्रदूषित कर दिया। पूरे गांव में चमड़े की दुर्गंध से ग्रामीण परेशान हैं। गांव में अनेक बीमारियां फैल गई हैं। कई लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। पशु भी बीमार रहते हैं। प्रदूषण बोर्ड, जल निगम, डीएम आदि अधिकारियों को लिखित में देकर कई बार अवगत कराया गया, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने गांव में पहुंचकर स्थिति को नहीं देखा और न ही यहां से चर्म शोधन इकाइयों को हटवाया गया। जबकि चर्म शोध इकाइयों के लिए गांव से 500 मीटर दूूर ग्राम पंचायत द्वारा भूमि आवंटित की, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने इन इकाइयों को यहां से नहीं हटवाया। गत वर्ष तत्कालीन डीएम ने इन इकाईयों को गांव से बाहर स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए थे। इसका भी पालन नहीं कराया गया। जब तक चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर जितेंद्र राणा, संजीव राणा, आनंद पाल, तेजपाल, राममेहर, राजीव, सुखबीर सिंह, विक्रम सिंह, कालूराम, तेजपाल, प्रविंद्र, देवेंद्र, राकेश, यशपाल, रमेश, राजेंद्र, अरविंद, सुभाष, साहब सिंह, सतबीर, राजपाल, विनोद, भोपाल आदि रहे।
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धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि गांव में कई दशक से चर्म शोधन इकाइयां चल रही हैं। इनसे निकलने वाले दूषित पानी ने तालाब सहित भू-जल को भी प्रदूषित कर दिया। पूरे गांव में चमड़े की दुर्गंध से ग्रामीण परेशान हैं। गांव में अनेक बीमारियां फैल गई हैं। कई लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। पशु भी बीमार रहते हैं। प्रदूषण बोर्ड, जल निगम, डीएम आदि अधिकारियों को लिखित में देकर कई बार अवगत कराया गया, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने गांव में पहुंचकर स्थिति को नहीं देखा और न ही यहां से चर्म शोधन इकाइयों को हटवाया गया। जबकि चर्म शोध इकाइयों के लिए गांव से 500 मीटर दूूर ग्राम पंचायत द्वारा भूमि आवंटित की, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने इन इकाइयों को यहां से नहीं हटवाया। गत वर्ष तत्कालीन डीएम ने इन इकाईयों को गांव से बाहर स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए थे। इसका भी पालन नहीं कराया गया। जब तक चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर जितेंद्र राणा, संजीव राणा, आनंद पाल, तेजपाल, राममेहर, राजीव, सुखबीर सिंह, विक्रम सिंह, कालूराम, तेजपाल, प्रविंद्र, देवेंद्र, राकेश, यशपाल, रमेश, राजेंद्र, अरविंद, सुभाष, साहब सिंह, सतबीर, राजपाल, विनोद, भोपाल आदि रहे।
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