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कलक्ट्रेट में डटे शिक्षामित्र, जेल जाने से नहीं हटेंगे पीछे
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:31 AM IST
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बागपत। समायोजन बहाल करने की जिद पर अड़े शिक्षामित्रों का शनिवार को भी धरना जारी रहा। उन्होंने कहा हक के लिए लड़ाई जारी रहेगी। संघर्ष दिल्ली तक किया जाएगा। जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उधर, पुलिस वालों से हुई मारपीट की घटना को देखकर कलक्ट्रेट छावनी में तब्दील रही। पुलिस और पीएसी चप्पे-चप्पे पर तैनात रही।
शिक्षामित्रों का कलक्ट्रेट में सात सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अपनी मांग पूरी कराने के लिए पहले दिन पुरूष शिक्षामित्रों ने अर्धनिर्वस्त्र होकर विरोध प्रदर्शन किया था। दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का पुतले की अर्थी निकालकर जलाने का प्रयास किया। इसको लेकर पुलिस और शिक्षामित्र के बीच हाथापाई हो गई थी। हाईवे पर पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया था। सरूरपुर चौकी इंचार्ज ब्रजपाल सिंह ने मारपीट और वर्दी फाड़ने का आरोप लगाकर जिलाध्यक्ष राजेश कुमार पंवार और संरक्षक बिजेंद्र भाटी सहित 97 शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । शिक्षामित्र अभी भी अपनी मांग पर अडिग है। उनका धरना जारी है। उनका कहना है कि अपने हक के लिए लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए दिल्ली तक लड़ेंगे। पूर्ण सम्मान मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। वे आज भूखमरी के कगार पर हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। वह केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह को भी ज्ञापन सौंपेंगे। इस मौके पर कुशलता चौहान, भरत शर्मा, सचिन शर्मा, अरुण त्यागी, राहुल आदि रहे।
चूड़ी की खरोंच को पुलिस ने बताया हमला
बागपत। धरनास्थल पर पहुंचे एडीएम (न्याय) विधान जायसवाल को शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन पुलिस को सौंपा। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । जबकि पुलिस ने ही महिला शिक्षामित्रों के साथ हाथापाई की है। इससे उनके कपड़े भी फट गए । महिला शिक्षामित्र की चूड़ी की खरोज लगने से ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। फिर भी वे इस घटना से खेद प्रकट करते हैं। आगे इस तरह की कोई पुर्नावृत्ति नहीं होगी।
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रालोद नेताओं ने दिया समर्थन
बागपत। रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखवीर सिंह गठीना के नेतृत्व में पदाधिकारी कलक्ट्रेट में शिक्षामित्रों के धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूर्ण समर्थन देते हुए कहा शिक्षामित्रों ने बच्चों का भविष्य सुधारा है। इसके अलावा अधिवक्ता राधेश्याम शर्मा ने समर्थन कर शिक्षामित्रों के समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की।
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शिक्षामित्रों का कलक्ट्रेट में सात सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अपनी मांग पूरी कराने के लिए पहले दिन पुरूष शिक्षामित्रों ने अर्धनिर्वस्त्र होकर विरोध प्रदर्शन किया था। दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का पुतले की अर्थी निकालकर जलाने का प्रयास किया। इसको लेकर पुलिस और शिक्षामित्र के बीच हाथापाई हो गई थी। हाईवे पर पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया था। सरूरपुर चौकी इंचार्ज ब्रजपाल सिंह ने मारपीट और वर्दी फाड़ने का आरोप लगाकर जिलाध्यक्ष राजेश कुमार पंवार और संरक्षक बिजेंद्र भाटी सहित 97 शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । शिक्षामित्र अभी भी अपनी मांग पर अडिग है। उनका धरना जारी है। उनका कहना है कि अपने हक के लिए लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए दिल्ली तक लड़ेंगे। पूर्ण सम्मान मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। वे आज भूखमरी के कगार पर हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। वह केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह को भी ज्ञापन सौंपेंगे। इस मौके पर कुशलता चौहान, भरत शर्मा, सचिन शर्मा, अरुण त्यागी, राहुल आदि रहे।
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चूड़ी की खरोंच को पुलिस ने बताया हमला
बागपत। धरनास्थल पर पहुंचे एडीएम (न्याय) विधान जायसवाल को शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन पुलिस को सौंपा। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । जबकि पुलिस ने ही महिला शिक्षामित्रों के साथ हाथापाई की है। इससे उनके कपड़े भी फट गए । महिला शिक्षामित्र की चूड़ी की खरोज लगने से ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। फिर भी वे इस घटना से खेद प्रकट करते हैं। आगे इस तरह की कोई पुर्नावृत्ति नहीं होगी।
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रालोद नेताओं ने दिया समर्थन
बागपत। रालोद के राष्ट्रीय सचिव सुखवीर सिंह गठीना के नेतृत्व में पदाधिकारी कलक्ट्रेट में शिक्षामित्रों के धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूर्ण समर्थन देते हुए कहा शिक्षामित्रों ने बच्चों का भविष्य सुधारा है। इसके अलावा अधिवक्ता राधेश्याम शर्मा ने समर्थन कर शिक्षामित्रों के समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की।