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दिवाली पर सेहत खराब न कर दें मिलावटी मावा

Sat, 03 Nov 2018 12:57 AM IST
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:57 AM IST
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दिवाली पर सेहत खराब न कर दें मिलावटी मावा
कहीं दिवाली पर सेहत खराब न कर दें मिलावटी मावा
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बागपत। खुशियों के त्यौहार दिवाली पर मिठाई खाने और खरीदने से पहले इसकी शुद्धता की परख जरूर कर लें। वजह है बाजार में सप्लाई किया जा रहा मिलावटी मावा। मांग अधिक होने के चलते कई जगह भट्ठियों पर मिलावटी मावा तैयार किया जा रहा है। मावे में वाशिंग पाउडर, रिफाइंड, पाउडर और ऑयल समेत केमिकल मिलाकर मावा बनाने का धंधा चल रहा है।
दिवाली के नजदीक आते ही मिठाई, रसगुल्लों और मावे से बने अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। मिठाइयां तैयार करने में मावे की आवश्यकता होती है। मांग के हिसाब से मावे की आपूर्ति नहीं हो पाती। जिस कारण गांव-गांव में भट्ठियों पर मिलावटी मावा तैयार कर सप्लाई किया जाता है। जिले में कई जगह मिलावटी मावे का धंधा फल-फूल रहा है। बागपत से रोजाना मावा दिल्ली के अलावा सोनीपत और मेरठ, गाजियाबाद में भी बड़ी मात्रा में सप्लाई किया जाता है। मिठाई तैयार करने वाले दुकानदार इस मावे को खरीद रहे हैं। जो स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदेह है। खाद्य विभाग ने अभी तक मिलावट के इस धंधे पर नकेल नहीं कसी है।
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इस तरह बनता है नकली मावा
बागपत। त्यौहारों के मौके पर मावे की डिमांड बढ़ जाती है, लेकिन दूध के कम उत्पादन के चलते शुद्ध मावा नहीं बनाया जा सकता। इसलिए नकली मावे का कारोबार बढ़ रहा है। नकली मावा बनाने के लिए पहले शुद्ध दूध से क्रीम निकाल ली जाती है, जिसके बाद सिंथेटिक दूध में यूरिया, डिटरजेंट, रिफाइंड और वनस्पति घी मिलाया जाता है। मावे में चिकनाहट लाने के लिए वनस्पति और रिफाइंड को दोबारा मिलाया जाता है। यही नहीं मावे को ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखने के लिए उसमें शक्कर मिला दी जाती है।
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इन गांवों में बनता है मावा
बागपत। जनपद के मिलाना, फौलादनगर, झूंडपुर, गढ़ी कांगरान, दाहा, निरपुड़ा, भड़ल, दोघट, टीकरी, पुसार, बरनावा, बिनौली, रमाला, वाजिदपुर, गुराना, बड़ौली, सरूरपुर, अमीनगर सराय आदि गांवों में मावे की भट्ठियां चलती हैं।
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मिलावटी मिठाइयां भी हो रही तैयार
बागपत। जिले में मावे के अलावा मिलावटी मिठाई बनाने का काम चल रहा है। बड़ौत में बंद पड़ी फैक्ट्रियों मेें दीपावली के लिए बड़े स्तर पर मिलावटी मिठाई तैयार की जा रही है। इन मिठाइयों को त्यौहार नजदीक आते ही दुकानों पर सप्लाई कर दी जाएगी, जिन्हें खाकर लोगों की सेहत खराब हो सकती है। ----------------------
मावे और मिठाइयों के 76 प्रतिशत नमूने फेल
बागपत। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले में मावे व मिठाइयों के 76 प्रतिशत नमून फेल हो जाते हैं। विभाग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन इसके बाद भी मिलावटखोरी का धंधा बंद नहीं होता। अफसर त्यौहारों के नजदीक एक या दो दिन अभियान चलाकर मिठाइयों की दुकानों पर छापे मारते हैं। मिठाइयां नष्ट कराई जाती हैं, लेकिन दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
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मिलावटखोरों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
बागपत। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि दीपावली पर्व को देखते हुए टीम 24 घंटे अलर्ट है। मिलावटी मावा व मिठाइयां जब्त करने के लिए टीमें गठित की गई है। दुकानों पर छापेमारी की जा रही है। मेरठ रोड पर भगत स्वीट्स की दुकान पर बंगाली रसगुल्ला, देशी घी, मावे के नमूने लिए गए हैं। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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जा सकती है आंखें की रोशनी
बागपत। सीएचसी बागपत के अधीक्षक डा. विभाष राजपूत का कहना है कि मिलावटी मावे या मिठाई से पेट की बीमारी होती है। आंखों पर असर पड़ता है। हृदय पर भी असर पड़ता है। ब्लड संबंधी बीमारियां भी हो सकती हैं।
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