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एसडीएम के मध्यस्थता में हुई वार्ता विफल
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:52 AM IST
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दोघट (बागपत)।
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का दसवें दिन भी धरना जारी रहा। बड़ौत तहसील में दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को एसडीएम की मध्यस्थता में हुई वार्ता विफल रही। चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों ने एक सप्ताह का समय मांगा है। ग्रामीणों ने कहा कि जब इकाइयों को स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण दस दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन ने समस्या का समाधान नहीं कराया। बृहस्पतिवार को चर्म शोधन इकाइयों पर कच्चा माल से लदा ट्रक पहुंच गया। इसको लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। एसडीएम बड़ौत के आदेश पर पुलिस ने कच्चे माल से लदे ट्रक को वापस भेजा। एसडीएम ने दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को बड़ौत तहसील बुलाया। तहसील में एसडीएम की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच वार्ता चली। चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों ने कहा कि गांव के बाहर ग्राम समाज द्वारा दी गई जमीन कम है। उन्हें पर्याप्त जमीन दी। इकाइयों में तैयार माल को उठाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। एक माह में गांव के बाहर भूमि की व्यवस्था कराई जाए। इसके बाद ही वे इकाइयों को बंद करेंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि पिछले से दो साल से इकाइयों को स्थानांतरित करने का समय दिया, इसके बाद भी इन्हें नहीं हटाया। अब कोई समय नहीं दिया जाएगा। जब तक इकाइयां स्थानांतरित नहीं की जाती, उनका धरना जारी रहेगा। दो घंटे तक चली वार्ता विफल हो गई। एसडीएम ने कहा कि समस्या के समाधान होने तक कच्चे माल नहीं मंगाया जाएगा। धरने पर समस्या के निपटारे के लिए पांच लोगों की कमेटी गठित की। इस कमेटी में सुशील प्रधान दाहा, राजीव प्रधान तवेला गढ़ी, पूर्व प्रधान कृपाल, भिवानी सिंह, राज कुमार कान्हड़ को चुना गया। अब यह कमेटी की अफसरों से वार्ता करेगी। इस मौके पर पूर्व विधायक वीरपाल राठी, मास्टर सत्यवीर सिंह, प्रधान देवेंद्र राणा, डॉ. भवानी सिंह, सुमेर पाल, बाबा भोल्लर, मास्टर सुखबीर सिंह, कालूराम, रमेश राणा, रामपाल सिंह, प्रधान सुशील राणा, राजकुमार अहलावत, राजीव प्रधान, प्रमोद, प्रेम सिंह, प्रताप सिंह, राजेंद्र डायरेक्टर, अक्षय राणा, विक्रम राणा आदि रहे।
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भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का दसवें दिन भी धरना जारी रहा। बड़ौत तहसील में दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को एसडीएम की मध्यस्थता में हुई वार्ता विफल रही। चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों ने एक सप्ताह का समय मांगा है। ग्रामीणों ने कहा कि जब इकाइयों को स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण दस दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन ने समस्या का समाधान नहीं कराया। बृहस्पतिवार को चर्म शोधन इकाइयों पर कच्चा माल से लदा ट्रक पहुंच गया। इसको लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। एसडीएम बड़ौत के आदेश पर पुलिस ने कच्चे माल से लदे ट्रक को वापस भेजा। एसडीएम ने दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को बड़ौत तहसील बुलाया। तहसील में एसडीएम की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच वार्ता चली। चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों ने कहा कि गांव के बाहर ग्राम समाज द्वारा दी गई जमीन कम है। उन्हें पर्याप्त जमीन दी। इकाइयों में तैयार माल को उठाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। एक माह में गांव के बाहर भूमि की व्यवस्था कराई जाए। इसके बाद ही वे इकाइयों को बंद करेंगे।
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ग्रामीणों ने कहा कि पिछले से दो साल से इकाइयों को स्थानांतरित करने का समय दिया, इसके बाद भी इन्हें नहीं हटाया। अब कोई समय नहीं दिया जाएगा। जब तक इकाइयां स्थानांतरित नहीं की जाती, उनका धरना जारी रहेगा। दो घंटे तक चली वार्ता विफल हो गई। एसडीएम ने कहा कि समस्या के समाधान होने तक कच्चे माल नहीं मंगाया जाएगा। धरने पर समस्या के निपटारे के लिए पांच लोगों की कमेटी गठित की। इस कमेटी में सुशील प्रधान दाहा, राजीव प्रधान तवेला गढ़ी, पूर्व प्रधान कृपाल, भिवानी सिंह, राज कुमार कान्हड़ को चुना गया। अब यह कमेटी की अफसरों से वार्ता करेगी। इस मौके पर पूर्व विधायक वीरपाल राठी, मास्टर सत्यवीर सिंह, प्रधान देवेंद्र राणा, डॉ. भवानी सिंह, सुमेर पाल, बाबा भोल्लर, मास्टर सुखबीर सिंह, कालूराम, रमेश राणा, रामपाल सिंह, प्रधान सुशील राणा, राजकुमार अहलावत, राजीव प्रधान, प्रमोद, प्रेम सिंह, प्रताप सिंह, राजेंद्र डायरेक्टर, अक्षय राणा, विक्रम राणा आदि रहे।
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