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नौरोजपुर गुर्जर गांव में 89 मरीजों की जांच की
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:28 AM IST
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बागपत। नौरोजपुर गुर्जर गांव के लोग अभी भी बुखार की जकड़ में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप लगाकर लोगों का उपचार कर रही है। शनिवार को भी 89 मरीजों की जांच की गई। इसमें पांच रोगियों के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।
जानलेवा बुखार से तीन बच्चों की नौरोजपुर गुर्जर गांव में मौत हो गई। इसके बाद से गांव में दहशत फैल गई । स्वास्थ्य विभाग की ओर से बागपत सीएचसी के डॉक्टरों द्वारा आठ दिनों से लगातार लोगों का उपचार कर रहे हैं। घर-घर से लोगों को बुलाकर उनकी जांच की जा रही है। बुखार से पीड़ित लोगों का हाल जाना जा रहा। जिन परिवार में बच्चों की मौत हुई वहां पहुंचकर स्वास्थ्य का चेकअप कर रहे हैं। बदलते मौसम में बीमारियों से बचाव की सलाह दी जा रही है। शनिवार को लगे कैंप में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत के नेतृत्व में डॉक्टरों ने 89 मरीजों की जांच की। इसमें पांच मरीजों के संदिग्ध लगने पर उनके रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। इसमें डॉ. विकास प्रकाश, फार्मेसिस्ट मनोज, लैब टेक्नीशियन विकास कुमार, आशा प्रमिला, बबली, शिमला का सहयोग रहा।
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जानलेवा बुखार से तीन बच्चों की नौरोजपुर गुर्जर गांव में मौत हो गई। इसके बाद से गांव में दहशत फैल गई । स्वास्थ्य विभाग की ओर से बागपत सीएचसी के डॉक्टरों द्वारा आठ दिनों से लगातार लोगों का उपचार कर रहे हैं। घर-घर से लोगों को बुलाकर उनकी जांच की जा रही है। बुखार से पीड़ित लोगों का हाल जाना जा रहा। जिन परिवार में बच्चों की मौत हुई वहां पहुंचकर स्वास्थ्य का चेकअप कर रहे हैं। बदलते मौसम में बीमारियों से बचाव की सलाह दी जा रही है। शनिवार को लगे कैंप में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत के नेतृत्व में डॉक्टरों ने 89 मरीजों की जांच की। इसमें पांच मरीजों के संदिग्ध लगने पर उनके रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। इसमें डॉ. विकास प्रकाश, फार्मेसिस्ट मनोज, लैब टेक्नीशियन विकास कुमार, आशा प्रमिला, बबली, शिमला का सहयोग रहा।
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