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पालिथीन पर्यावरण के लिए खतरा- विवेक
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:28 AM IST
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बागपत। सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया। वक्ताओं ने पर्यावरण पर लोगों को जागरूक किया।
कार्यशाला के समापन के मुख्य अतिथि कलक्ट्रेट प्रभारी विवेक कुमार यादव रहे। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में पॉलीथिन का बढ़ता प्रयोग पर्यावरण असंतुलन के लिए सबसे अधिक हानिकारक है। अगर हमें पृथ्वी को बचाना है तो पॉलीथिन के प्रयोग को न्यूनतम स्तर पर लाना होगा। प्राचार्य नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि प्रकृतिक संपदा का दोहन हम सभी प्रकार से कर रहे हैं। अगर हमने इस अंधाधुंध दोहन को नहीं रोका तो आने वाली पीढ़ी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
डॉ. एसके शर्मा, समिति के ऑडिटर जयपाल सिंह ने विद्यार्थियों को पेड़ लगाने के लिए जागरूक किया। वहीं उनकी देखभाल के लिए प्रेरित किया। पर्यावरण असंतुलन विषय पर विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मॉडल बनाए। प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता में पूनम और नेहा प्रथम, नेहा पंवार द्वितीय, साक्षी ओर प्रिया संयुक्त रूप से तृतीय रही। निबंध प्रतियोगिता में अंजू प्रथम, मोनिका विकल द्वितीय मेघा गौड़ तृतीय रही। स्लोगन में मोनिका विकल प्रथम, निधि तृतीय, डोली तृतीय रही। भाषण में भंवर पांडेय ने बाजी मारी। सभी विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें धारा सिंह, दिनेश प्रधान, डॉ. राजीव, डॉ. उमलेश, गौरव चौहान, विश्वनाथ गौतम, पवन, कपिल, विनोद, सीमा तोमर, गुरुदास आदि का सहयोग रहा।
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कार्यशाला के समापन के मुख्य अतिथि कलक्ट्रेट प्रभारी विवेक कुमार यादव रहे। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में पॉलीथिन का बढ़ता प्रयोग पर्यावरण असंतुलन के लिए सबसे अधिक हानिकारक है। अगर हमें पृथ्वी को बचाना है तो पॉलीथिन के प्रयोग को न्यूनतम स्तर पर लाना होगा। प्राचार्य नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि प्रकृतिक संपदा का दोहन हम सभी प्रकार से कर रहे हैं। अगर हमने इस अंधाधुंध दोहन को नहीं रोका तो आने वाली पीढ़ी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
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डॉ. एसके शर्मा, समिति के ऑडिटर जयपाल सिंह ने विद्यार्थियों को पेड़ लगाने के लिए जागरूक किया। वहीं उनकी देखभाल के लिए प्रेरित किया। पर्यावरण असंतुलन विषय पर विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मॉडल बनाए। प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता में पूनम और नेहा प्रथम, नेहा पंवार द्वितीय, साक्षी ओर प्रिया संयुक्त रूप से तृतीय रही। निबंध प्रतियोगिता में अंजू प्रथम, मोनिका विकल द्वितीय मेघा गौड़ तृतीय रही। स्लोगन में मोनिका विकल प्रथम, निधि तृतीय, डोली तृतीय रही। भाषण में भंवर पांडेय ने बाजी मारी। सभी विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें धारा सिंह, दिनेश प्रधान, डॉ. राजीव, डॉ. उमलेश, गौरव चौहान, विश्वनाथ गौतम, पवन, कपिल, विनोद, सीमा तोमर, गुरुदास आदि का सहयोग रहा।
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