सपा नेता के स्वागत में गई मासूम की जान
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कानपुर में पुराने गंगा पुल पर सपा नेता के स्वागत में लगे जाम ने शनिवार को मासूम की जान ले ली। परिजन मासूम की तबीयत खराब होने पर कानपुर डॉक्टर को दिखाने ला रहे थे, तभी जाम में फंस गए और मासूम की मौत हो गई। दो वर्षों में जाम के कारण करीब चार मौतें हो चुकी है।
मूल निवासी रामपुरी उन्नाव के रहने वाले योगेश बाजपेई ने बताया कि उनकी तीन माह की पुत्री नन्दनी की शनिवार को तबीयत खराब हो गई। वह उन्नाव के एक नर्सिंग होम ले गए जहां उसे डायरिया की शिकायत बताकर कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया। वह बच्ची को बाइक से लेकर कानपुर जा रहे थे।
सुबह करीब 11 बजे वह बीच पुल पहुंचे तो वाहनों की रफ्तार एकदम से थम गई। पता करने पर जानकारी हुई कि किसी सपा नेता का काफिले का गंगा पुल पर स्वागत हो रहा है, जिसके चलते करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। किसी तरह मोटरसाइकिल मोड़ कर नीचे वाले पुल की ओर बढ़े तभी बच्ची की हालत और गंभीर हो गई। नगर के एक नर्सिंग होम में दिखाया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुल के बीचोंबीच नेताजी का स्वागत
बच्ची की मां रोली का शव को देख बेसुध हो गई। शव घर पहुंचा तो परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। योगेश का विवाह करीब दो वर्ष पूर्व था। नंदनी इनकी इकलौती संतान थी।
वहीं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कानपुर सपा जिलाध्यक्ष पं. ओम प्रकाश मिश्रा के काफिले के चलते वहां पर जाम लग गया था। पुल के बीचोंबीच उनका स्वागत होने से आवागमन एकदम से ठप हो गया। इससे करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
वहीं जिलाध्यक्ष का कहना है कि स्वागत होने के समय पुल पर जाम नहीं लगा था। उनके अनुसार काफिले में करीब एक दर्जन गाड़ियां चल रही थीं, जबकि करीब पचास गाड़ियां पुलिस चौकी के पास खड़ी थी।
जानकारी के बाद भी लापरवाही क्यों?
जिला प्रशासन को इस बात की जानकारी है कि पुराने गंगापुल का मार्ग संकरा है। अक्सर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है फिर भी राजनीतिक स्वागत समारोह कराने की अनुमति दे दी जाती है। उसके लिए जिला प्रशासन के पास विकल्प पर तौर पर बैराज मार्ग या फिर जाजमऊ मार्ग जैसे रास्ते हैं, जहां स्वागत हो सकता है।
सूत्रों की मानी जाये तो पुराने गंगापुल के निकट ही पश्चिम गंगाघाट पुलिस चौकी स्थापित है जबकि कानपुर की ओर पुल से चंद कदम की दूरी पर ही थाना छावनी की गंगाघाट पुलिस चौकी स्थापित है। इसके बावजूद पुल पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
सार्वजनिक मार्ग है, इस पर किसी को रोका नहीं जा सकता। मेरा काम लॉ एंड आर्डर देखना है।- रतन श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक उन्नाव
जाम न लगें इसके लिए यातायात पुलिस के साथ ही स्थानीय पुलिस की भी जिम्मेवारी होती है। पुलिस को यहां अपना काम ठीक ढंग से करने की जरूरत है। आगे इस बात का ख्याल रखा जाएगा- सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी उन्नाव