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Azamgarh News: खतरा निशान से 36 सेमी नीचे पहुंचा जलस्तर
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लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरांचल में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में चार दिनों से घटाव का क्रम जारी है। शुक्रवार को मुख्य माप स्थल बदरहुआ नाले के पास जलस्तर खतरे के निशान 71.68 मीटर से 36 सेमी नीचे 71.32 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। बृहस्पतिवार को यहां का जलस्तर 71.36 मीटर रिकाॅर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में मात्र चार सेमी की कमी से ग्रामीणों की बेचैनी समाप्त नहीं हुई है। कारण कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम तीन महीने तक बना रहता है। अभी फिलहाल राहत की बात यह है कि संपर्क मार्गाें से बाढ़ का पानी हट गया है और धूप होने के कारण फिसलन की भी समस्या नहीं है। झगरहवा और बगहवा के पास कटान थमने से भी थोड़ी राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण अलर्ट हैं।
खतरा बरकरार रहने से गांव के लोग अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना जारी रखे हुए हैं। गांव के रास्तों से पानी हटने के बाद बांका, बूढ़नपट्टी गांव में भी नाव का संचालन बंद कर दिया गया है।
शुक्रवार को नदी खतरा निशान से 36 सेमी नीचे बह रही थी, लेकिन देवारा क्षेत्र के लोगों की बेचैनी कम नहीं हुई है। कारण कि जलस्तर में तीन महीने उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसे जानते हुए प्रशासन अभी भी अलर्ट मोड में है। अभी राहत की बात यह है कि जलस्तर में कमी के बाद तेज धूप के कारण रास्तों पर फिसलन नहीं के बराबर हो गया है। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से बचाव व राहत कार्य के लिए 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना के साथ 14 स्थानों को राहत शिविर के लिए चयनित किया जा चुका है।
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खतरा बरकरार रहने से गांव के लोग अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना जारी रखे हुए हैं। गांव के रास्तों से पानी हटने के बाद बांका, बूढ़नपट्टी गांव में भी नाव का संचालन बंद कर दिया गया है।
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शुक्रवार को नदी खतरा निशान से 36 सेमी नीचे बह रही थी, लेकिन देवारा क्षेत्र के लोगों की बेचैनी कम नहीं हुई है। कारण कि जलस्तर में तीन महीने उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसे जानते हुए प्रशासन अभी भी अलर्ट मोड में है। अभी राहत की बात यह है कि जलस्तर में कमी के बाद तेज धूप के कारण रास्तों पर फिसलन नहीं के बराबर हो गया है। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से बचाव व राहत कार्य के लिए 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना के साथ 14 स्थानों को राहत शिविर के लिए चयनित किया जा चुका है।
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