लॉकडाउन के बाद हो मूल्यांकन या घर जांचने के लिए मिले काफी
उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद का निर्देश मिलते ही डीआईओएस कार्यालय मूल्यांकन की तैयारी में जुट गया है। मूल्यांकन के लिए जिले में चार केंद्र बनाए गए है। शिब्ली व जीजीआईसी में इंटरमीडिएट की कापियां जांची जानी है तो डीएवी व इंटर कालेज सठियांव पर हाईस्कूल की।
इंटर कालेज सठियांव मूल्यांकन केंद्र जिले के हॉट स्पाट एरिया के निकट स्थित है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने लॉक डाउन अब 14 दिनों के लिए बढ़ा भी दिया है। ऐसे में मूल्यांकन केंद्रों तक परीक्षकों को पहुंचने जहां काफी परेशानी होगी तो वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हो पाना भी मुश्किल है।
शिक्षकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मूल्यांकन का कार्य जबरन कराना कहीं से भी उचित नहीं है। यदि अति आवश्यक है तो कापियों को शिक्षकों को घर ले जाकर जांचने के लिए दे देना चाहिए या लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने का इंतजार करना ही बेहतर विकल्प होगा।
लॉक डाउन की स्थिति में मूल्यांकन का कार्य कराना कहीं से भी उचित नहीं है। सरकार हम शिक्षकों को जबरन मौत के मुंह में ढकेलने का प्रयास कर रही है। जिसका हम हर स्तर पर विरोध करेंगे। केंद्रों पर न तो सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हो पाएगा। इतना ही नहीं शिक्षकों कों मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचने में भी काफी दिक्कत उठानी पड़ेगी। ऐसे में लॉक डाउन समाप्त होने के बाद ही मूल्यांकन का कार्य कराया जाए। - राम बिहारी सिंह, पूर्व अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ, शर्मा गुट।
कोरोना संक्रमण के बीच मूल्यांकन कार्य कराया जाना शिक्षकों को प्रताड़ित करने जैसा है। सरकार हमारा उत्पीड़न करने का प्रयास कर रही है। जिसका हम पूरजोर विरोध करेंगे। हर मूल्यांकन केंद्र पर 800 से एक हजार परीक्षक तैनात है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन नहीं हो सकेगा। वहीं मूल्यांकन केंद्रों तक परीक्षक कैसे पहुंचेगा जब लॉक डाउन के चलते सारे वाहन बंद है। लॉक डाउन के बाद ही मूल्यांकन होना चाहिए। - दिनेश प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ, पांडेय गुट।
केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉक डाउन को बढ़ा दिया है। सामाजिक दूरी का अनुपालन करने का निर्देश है। ऐसे में प्रदेश सरकार व माध्यमिक शिक्षा विभाग मूल्यांकन कार्य शुरू कराने का जो निर्णय लिया है, यह पूरी तरह से गलत है। हम और हमारा संगठन 17 मई तक मूल्यांकन का कार्य किसी भी दशा में न शुरू कराए जाने की मांग करता है। अन्यथा की स्थिति में हम मूल्यांकन नहीं कर सकेंगे। - विनोद कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी, माध्यमिक शिक्षक संघ, चेतनारायन गुट।
कोरोना संक्रमण पूरे देश में फैला हुआ है। लॉक डाउन बढ़ा दिया गया है। ऐसे में मूल्यांकन का कार्य शुरू कराना प्रदेश सरकार की कहा की समझदारी है यह समझ से परे है। मूल्यांकन केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन नहीं होगा, ऐसे में यदि किसी शिक्षक के साथ अनहोनी हो जाती है तो जिम्मेदार कौन होगा। सरकार पहले हमारा भी 50-50 लाख का बीमा कराए तब ही हम अभी मूल्यांकन कर सकेंगे, अन्यथा विरोध किया जाएगा। - पंकज कुमार सिंह, मंत्री, माध्यमिक शिक्षक संघ, पांडेय गुट।
लॉक डाउन के बाद शुरू हो कापियों का मूल्यांकन : विजय सिंह
आजमगढ़ में पांच मई से शुरू हो रहे कापियों के मूल्यांकन को लेकर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री विजय कुमार सिंह ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी की। उन्होंने कहा है कि पांच मई से शुरू हो रहे मूल्यांकन में शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनपद में बस और आटो नहीं चल रहे हैं।
कापियों के मूल्यांकन में लगे शिक्षकों को काफी दूर-दूर से पहुंचना पड़ेगा। आटो और बस न चलने के कारण उन्हें परेशानी होगी। जो शिक्षक मुबारकपुर से निकट हैं उनके संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा और शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, महामंत्री इंद्रासन सिंह शसन से लगातार मांगकर रहे हैं कि मूल्यांकन शिक्षकों के घर पर हो। मगर शासन उनकी मांगों पर विचार कर नहीं कर रहा है। समस्याओं को देखते जिलामंत्री ने लॉक डाउन समाप्त होने के बाद ही मूल्यांकन कराने की मांग किया है।