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बेमौसम कटान से दहशत
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:19 AM IST
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बेमौसम कटान से दहशत
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जनपद के उत्तरी सीमा से होकर बहने वाली घाघरा नदी में एक बार फिर बेमौसम कटान शुरू हो गई है। देवारा खास राजा गांव के मुराली के पुरवा में विगत एक सप्ताह से कटान जारी है। तेजी से हो रही कटान को देख ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित जगह मुहैया कराने की मांग की है।
देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा के लोग बेमौसम कटान होने से दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हम सभी लोगों को यहां से हटाकर सुरक्षित जगह कर दिया जाए। ग्राम प्रधान पलटन यादव ने सभी लोगों को गांव में ही जमीन देकर मिट्टी पटान करने के लिए स्थानीय लेखपाल रविंदर पांडे को जमीन चिह्नित करने के लिए कहा है। बताते चलें कि मुराली का पुरवा में पिछले वर्ष पांच लोग विस्थापित होकर बेघर हो गए। जिनको अभी तक ना आवास मिला न जमीन और ना ही मुआवजा।
400 बीघा जमीन कट चुकी है और इधर एक सप्ताह से करीब 4 लठ्ठा चौड़ाई और लगभग एक किलोमीटर लंबाई में घाघरा नदी जमीन काट चुकी है। ग्रामीणों को डर है कि घाघरा नदी कब हम सब का घर समाहित कर लेगी। कोई ठीक नहीं है। वहीं अभी तक प्रशासन उदासीन पड़ा है। ना ही इन्हें कटी जमीन का मुआवजा मिला और ना ही घर बनाने के लिए जमीन और मौजा।
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गांव के ग्राम प्रधान पलटन यादव ने कहा कि जमीन के लिए स्थापित होने पर संबंधित लेखपाल रविंद्र पांडे को जमीन आवंटित करने के लिए कह दिया है। उसको पट्टा इन लोगों को कर दिया जाएगा। मुआवजे के लिए तहसीलदार सगड़ी से बात हो गई है मुआवजा आदि दिलाए जाएगा। गांव के मुराली, प्रकाश, पूजन, लोरी, परसान, तीर्थराज, राधेश्याम, लालधर, रामबृक्ष, रामदरश, रामकवल, लालबचन आदि ने प्रशासन से सुरक्षित जमीन मुहैया कराने की मांग की है। ताकि वह लोग अपना सुरक्षित आशियाना बसा सकें।
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देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा के लोग बेमौसम कटान होने से दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हम सभी लोगों को यहां से हटाकर सुरक्षित जगह कर दिया जाए। ग्राम प्रधान पलटन यादव ने सभी लोगों को गांव में ही जमीन देकर मिट्टी पटान करने के लिए स्थानीय लेखपाल रविंदर पांडे को जमीन चिह्नित करने के लिए कहा है। बताते चलें कि मुराली का पुरवा में पिछले वर्ष पांच लोग विस्थापित होकर बेघर हो गए। जिनको अभी तक ना आवास मिला न जमीन और ना ही मुआवजा।
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400 बीघा जमीन कट चुकी है और इधर एक सप्ताह से करीब 4 लठ्ठा चौड़ाई और लगभग एक किलोमीटर लंबाई में घाघरा नदी जमीन काट चुकी है। ग्रामीणों को डर है कि घाघरा नदी कब हम सब का घर समाहित कर लेगी। कोई ठीक नहीं है। वहीं अभी तक प्रशासन उदासीन पड़ा है। ना ही इन्हें कटी जमीन का मुआवजा मिला और ना ही घर बनाने के लिए जमीन और मौजा।
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गांव के ग्राम प्रधान पलटन यादव ने कहा कि जमीन के लिए स्थापित होने पर संबंधित लेखपाल रविंद्र पांडे को जमीन आवंटित करने के लिए कह दिया है। उसको पट्टा इन लोगों को कर दिया जाएगा। मुआवजे के लिए तहसीलदार सगड़ी से बात हो गई है मुआवजा आदि दिलाए जाएगा। गांव के मुराली, प्रकाश, पूजन, लोरी, परसान, तीर्थराज, राधेश्याम, लालधर, रामबृक्ष, रामदरश, रामकवल, लालबचन आदि ने प्रशासन से सुरक्षित जमीन मुहैया कराने की मांग की है। ताकि वह लोग अपना सुरक्षित आशियाना बसा सकें।