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Azamgarh News: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी 175 करोड़ की अंडर ग्राउंड केबल व्यवस्था
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आजमगढ़। जनपद को तारों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाने के लिए 175 करोड़ की लागत से अंडर ग्राउंड केबल बिछाई गई। जनपद में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। केबल बिछने के बाद एक साल भी पूरे शहर में बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी।
एक बार इसमें गड़बड़ी आई तो फिर वह दूर नहीं हुई। विभाग के पास न तो मरम्मत के लिए सामान हैं और ना ही पर्याप्त संख्या में कर्मचारी। जिसका परिणाम है कि धीरे-धीरे करके एक-एक मुहल्ले में यह व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है।
लगने के बाद से नगर क्षेत्र में लगे विद्युत तारों को बदला नहीं गया है। जिसके कारण यह अक्सर लोड बढ़ने पर शार्ट सर्किट से गिरने लगते हैं। जिसे देखते हुए सपा शासन काल 2014 में अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत शासन से 174 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ। मुंबई की पॉलीकैब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को केबिल को बिछाने का जिम्मा सौंपा गया।
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2018 में विभाग को हैंडओवर कर कंपनी चली गई और अपने कर्मचारियों को भी साथ ले गई। आए दिन कहीं न कहीं फाल्ट होने लगे। जिसमें कुछ फाल्ट तो बने लेकिन ज्यादातर फाल्ट नहीं बन सके। जिसका परिणाम है शहर क्षेत्र के ज्यादातर मुहल्लों में अंडर ग्राउंड केबिल से आपूर्ति बंद हो चुकी है। अब इन स्थानों पर ओवरहेड तारों को लगाकर लोगों को बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
विभाग के पास मरम्मत के लिए सामान भी नहीं
जिस समय केबिल बिछाई जा रही थी इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसे नकारते हुए परियोजना को हैंडओवर ले लिया। कंपनी कार्य करके चली गई लेकिन उसने इसकी मेंटनेंस करने के लिए कोई सामान विभाग को उपलब्ध नहीं कराया। जिसका परिणाम है कि आज पौने करोड़ की यह परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।
इन मुहल्लों में बंद हो चुकी है आपूर्ति
अंडर ग्राउंड केबिल से चौक, भदुली, तकिया, पहाड़पुर, हर्रा की चुंगी, जुनेदगंज चौराहा, हाफिजपुर चौराहा, बिलरिया की चुंगी, हरिऔध नगर, शिवाजी नगर, कालीनगंज, पुरानी कोतवाली, कलेक्ट्रेट से लेकर जेल के सामने स्थित पावर हाउस तक, अनंतपुरा, कटरा, शिब्ली कालेज के सामने गड़बड़ी के बाद आपूर्ति बंद है। वहीं कोट किला, करतालपुर और देवपार में केबिल बिछाई ही नहीं गई। दलालघाट में लगी तो चालू ही नहीं हुई।
लोगों को कनेक्शन देने के लिए जगह-जगह जंक्शन बाक्स लगाए गए थे। जिन मुहल्लों में बिजली की
आपूर्ति बंद हो चुकी है। वहां से जंक्शन बाक्स या तो गायब हो चुके हैं या फिर आवागमन में बाधा बने हुए हैं। जिन मुहल्न्लों में अंडर ग्राउंड से आपूर्ति हो रही है। उनके जंक्शन बाक्स गिरते पड़ते किसी तरह से खड़े हैं। 00
जनपद के जर्जर तारों को बदलने और अंडर ग्राउंड केबिल के मेंटनेंस के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था। जिसके तहत 47 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इनसे सारे कार्य कराए जाएंगे।
अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता।
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एक बार इसमें गड़बड़ी आई तो फिर वह दूर नहीं हुई। विभाग के पास न तो मरम्मत के लिए सामान हैं और ना ही पर्याप्त संख्या में कर्मचारी। जिसका परिणाम है कि धीरे-धीरे करके एक-एक मुहल्ले में यह व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है।
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लगने के बाद से नगर क्षेत्र में लगे विद्युत तारों को बदला नहीं गया है। जिसके कारण यह अक्सर लोड बढ़ने पर शार्ट सर्किट से गिरने लगते हैं। जिसे देखते हुए सपा शासन काल 2014 में अंडर ग्राउंड केबिल बिछाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत शासन से 174 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ। मुंबई की पॉलीकैब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को केबिल को बिछाने का जिम्मा सौंपा गया।
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2018 में विभाग को हैंडओवर कर कंपनी चली गई और अपने कर्मचारियों को भी साथ ले गई। आए दिन कहीं न कहीं फाल्ट होने लगे। जिसमें कुछ फाल्ट तो बने लेकिन ज्यादातर फाल्ट नहीं बन सके। जिसका परिणाम है शहर क्षेत्र के ज्यादातर मुहल्लों में अंडर ग्राउंड केबिल से आपूर्ति बंद हो चुकी है। अब इन स्थानों पर ओवरहेड तारों को लगाकर लोगों को बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
विभाग के पास मरम्मत के लिए सामान भी नहीं
जिस समय केबिल बिछाई जा रही थी इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसे नकारते हुए परियोजना को हैंडओवर ले लिया। कंपनी कार्य करके चली गई लेकिन उसने इसकी मेंटनेंस करने के लिए कोई सामान विभाग को उपलब्ध नहीं कराया। जिसका परिणाम है कि आज पौने करोड़ की यह परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।
इन मुहल्लों में बंद हो चुकी है आपूर्ति
अंडर ग्राउंड केबिल से चौक, भदुली, तकिया, पहाड़पुर, हर्रा की चुंगी, जुनेदगंज चौराहा, हाफिजपुर चौराहा, बिलरिया की चुंगी, हरिऔध नगर, शिवाजी नगर, कालीनगंज, पुरानी कोतवाली, कलेक्ट्रेट से लेकर जेल के सामने स्थित पावर हाउस तक, अनंतपुरा, कटरा, शिब्ली कालेज के सामने गड़बड़ी के बाद आपूर्ति बंद है। वहीं कोट किला, करतालपुर और देवपार में केबिल बिछाई ही नहीं गई। दलालघाट में लगी तो चालू ही नहीं हुई।
लोगों को कनेक्शन देने के लिए जगह-जगह जंक्शन बाक्स लगाए गए थे। जिन मुहल्लों में बिजली की
आपूर्ति बंद हो चुकी है। वहां से जंक्शन बाक्स या तो गायब हो चुके हैं या फिर आवागमन में बाधा बने हुए हैं। जिन मुहल्न्लों में अंडर ग्राउंड से आपूर्ति हो रही है। उनके जंक्शन बाक्स गिरते पड़ते किसी तरह से खड़े हैं। 00
जनपद के जर्जर तारों को बदलने और अंडर ग्राउंड केबिल के मेंटनेंस के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया था। जिसके तहत 47 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इनसे सारे कार्य कराए जाएंगे।
अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता।