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ढाई लाख किसानों ने कराया फसल बीमा

Tue, 25 Oct 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ Updated Tue, 25 Oct 2016 12:01 AM IST
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 Two and a half million farmers had crop insurance
फसल जलमग्न
प्राकृतिक आपदाओं, कृमि और रोगों के कारण किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की गई। जनपद में ढाई लाख किसान इस बीमा योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। शासन द्वारा  जिले में तीन लाख किसानों के बीमा कराने का लक्ष्य कृषि विभाग को दिया गया है। निर्धारित लक्ष्य को दिसंबर तक पूरा करने के प्रयास में कृषि विभाग जुटा हुुआ है।
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जिला कृषि अधिकारी बंसत दुबे ने बताया कि इस योजना के तहत खरीफ मौसम में धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर, उर्द, मूंग, तिल, मूंगफली, सोयाबीन आदि फसलों का बीमा किया जाता है। वहीं रबी के मौसम में गेहूं, चना, मटर, मसूर, लाही, सरसो, आलू आदि का बीमा होता है।
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इसके तहत राज्य सरकार की ओर से अधिसूचित फसलों को उगाने वाले बटाईदारों, काश्तकारों सहित सभी किसानों को कवर किया जाता है। वे सभी किसान जो वित्तीय संस्थाओं द्वारा अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत फसलों के लिए ऋण स्वीकृत या वितरित किया गया हो, ऐसे कृषकों के लिए यह योजना जरूरी है। वहीं, वह किसान जो फसल उगा रहे हैं या उगाना चाहते हैं लेकिन बैंक से ऋण प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं अर्थात अऋणी किसान है। उन्हें स्वैच्छिक आधार पर इस योजना का लाभ दिया जाता है। 
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जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जनपद को तीन लाख बीमा करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसमें से अब तक लगभग ढ़ाई लाख किसानों की फसल का बीमा हम कर चुके हैं। शेष बचे लक्ष्य को दिसंबर तक पूरा हो जाने का अनुुमान है। - बसंत दुबे, जिला कृषि अधिकारी 

मौसम के दौरान प्रतिकूल मौसम और सामान्य उपज से 50 प्रतिशत से कम उपज आने पर 25 प्रतिशत की क्षतिपूर्ति राशि कृषक को अग्रिम तौर पर प्रदान की जाएगी। फसल कटाई के पश्चात राज्य सरकार की ओर से प्रेषित किए गए वास्तविक उपज के आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।

बुआई न कर पाने की स्थिति में बीमित राशि के अधिकतम 25 प्रतिशत की धनराशि का क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही फसल बुआई के उपरांत प्रारंभिक अवस्था से मध्य अवस्था तक लगभग पूर्णतया फसल नष्ट होने पर प्राथमिकता के आधार पर क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा। 


ऐसे कराएं बीमा : ऋणी किसान ऋण देने वाली संस्था या बैंक शाखा निर्धारित तिथि तक अधिसूचना में निर्धारित बीमित राशि के अनुसार प्रीमियम एकत्र कर नोडल शाखा के माध्यम से बीमा कंपनी को अंतिम तिथि के पूर्व प्रेषित करेंगे। वहीं अऋणी कृषक अपनी फसल के बीमा के लिए बैंकों या बीमा कंपनी के कार्यालय या शाखा और इसके अधिकृत एजेंट से भी करा सकते हैं। बैंक अऋणी कृषकों के बीमा प्रीमियम राशि, प्रस्ताव पत्र, घोषणा पत्र, भूअभिलेख की प्रति और कृषि विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित बोई गई फसल का प्रमाण पत्र संलग्न कर कंपनी के कार्यालय को निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व भेजेंगे। 
 
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