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Azamgarh News: पशुपालन विभाग के अधिकारियों और पैरावेट्स को दिया प्रशिक्षण
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पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक सिधारी में अधिकारियों और पैरावेट्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मे
पशुपालन विभाग की प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना के तहत पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक सिधारी में अधिकारियों और पैरावेट्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
इसमें उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों, पशु चिकित्सा अधिकारियों, पशुधन प्रसार अधिकारियों और पैरावेट्स को विभागीय योजनाओं, पशुओं के स्वास्थ्य और पशुपालन को बढ़ावा देने के तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर निदेशक ग्रेड-2 डॉ. केपी सिंह ने विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बकरी पालन, भेड़ पालन, सूकर पालन, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से बताया।
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पशु चिकित्सा अधिकारी, बिलरियागंज, डॉ. बीएल यादव ने पशुओं को स्वस्थ रखने और उनसे मनुष्यों में फैलने वाली जूनोटिक बीमारियों के बारे में जानकारी दी। पशु चिकित्सा अधिकारी, बनकट, डॉ. उपेंद्र मौर्य ने कुक्कुट विकास नीति-2022 के बारे में बताया।
उन्होंने प्रचार-प्रसार के माध्यम से पशुपालकों को मुर्गी पालन के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। पशु चिकित्सा अधिकारी, अहरौला, डॉ. संदीप कुमार ने कृत्रिम गर्भाधान के महत्व और उपयोगिता के साथ पशुओं में बांझपन के उपचार की जानकारी दी।
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका शर्मा ने जूनोटिक बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण के बारे में बताया। वहीं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश गुप्ता ने अधिकारियों और पैरावेट्स को लगन एवं जिम्मेदारी से काम करने के लिए प्रेरित किया।
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इसमें उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों, पशु चिकित्सा अधिकारियों, पशुधन प्रसार अधिकारियों और पैरावेट्स को विभागीय योजनाओं, पशुओं के स्वास्थ्य और पशुपालन को बढ़ावा देने के तरीकों की जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर निदेशक ग्रेड-2 डॉ. केपी सिंह ने विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बकरी पालन, भेड़ पालन, सूकर पालन, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से बताया।
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पशु चिकित्सा अधिकारी, बिलरियागंज, डॉ. बीएल यादव ने पशुओं को स्वस्थ रखने और उनसे मनुष्यों में फैलने वाली जूनोटिक बीमारियों के बारे में जानकारी दी। पशु चिकित्सा अधिकारी, बनकट, डॉ. उपेंद्र मौर्य ने कुक्कुट विकास नीति-2022 के बारे में बताया।
उन्होंने प्रचार-प्रसार के माध्यम से पशुपालकों को मुर्गी पालन के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। पशु चिकित्सा अधिकारी, अहरौला, डॉ. संदीप कुमार ने कृत्रिम गर्भाधान के महत्व और उपयोगिता के साथ पशुओं में बांझपन के उपचार की जानकारी दी।
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका शर्मा ने जूनोटिक बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण के बारे में बताया। वहीं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश गुप्ता ने अधिकारियों और पैरावेट्स को लगन एवं जिम्मेदारी से काम करने के लिए प्रेरित किया।