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बढ़ी घाघरा, बांका बूढ़नपट्टी संपर्क मार्ग की पुलिस डूबी

Wed, 13 Jul 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2022 11:57 PM IST
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The water level of Ghaghra increased, the culvert of Banka Budhanpatti connectivity road submerged
आजमगढ़। सगड़ी तहसील के देवरांचल में तबाही मचाने वाली घाघरा नदी एक बार फिर तेजी से तबाही मचाने को आतुर है। नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। विभाग की मानें तो घाघरा में शारादा बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिसके कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी चढ़ने लगा है।
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देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी देवारावासियों के लिए दुस्वप्न बनी हुई है। नदी प्रतिवर्ष देवारावासियों का सबकुछ उजाड़ देती है। एक बार फिर नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। घाघरा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हुआ। घाघरा का जलस्तर बढ़ने से महुला गढ़वल बाध से बांका बूढ़नपट्टी संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया बाढ़ के पानी में डूब गई। इस संपर्क मार्ग से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है अब लोगों को हाजीपुर, गया, नैनीजोर होकर आना जाना हो रहा है। लोगों की मानें तो अगर इसी तरह घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो दो दिन में सोनौरा, मानिकपुर, अभनपट्टी के भी संपर्क मार्ग डूब जाएंगे। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख देवारावासियों की धड़कन बढ़ गई है। वहीं कुछ क्षेत्रों में नदी द्वारा कटान भी शुरू कर दी गई है। जिसके कारण लोग परेशान हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख लोग दूसरे ठौर की तलाश में भी जुट गए हैं। नदी ने बदरहुंआ गेज पर तो नहीं डिघिया गेज को पकड़ लिया है। अशिशासी अभियंता बाढ़खंड दिलीप कुमार का कहना है कि नदी में शारदा बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिसके कारण जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है।
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घाघरा का जल स्तर बढ़ने से परसिया में शुरू हुआ कटान
लाटघाट। देवारा क्षेत्र में बाढ़ से तबाही मचाने वाली घाघरा नदी में अभी बाढ़ भले ही न आईं हो लेकिन जलस्तर बढ़ने से परसिया गांव के सामने कटान हो रही है। खेती योग्य भूमि नदी में समाती जा रही है। सगड़ी तहसील स्थित घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। किसानों जिसके कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। एक तरफ सूखे जैसा असर तो दूसरी तरफ कटान का भय सता रहा है। गांगेपुर परसिया में घाघरा का जलस्तर बढ़ने से कृषि योग्य जमीन कट रही है। दर्जनों किसानों की कई बीघा जमीन कट कर नदी में समा गई है। परसिया गांव के संपत, कांता, सरवन, राजेश यादव, हरिंदर, धर्मेंद्र, हरिराम, केदार, दूधनाथ, प्रमोद, संपत, राम ज्ञान, बृजलाल, अच्छेलाल, किशोर आदि की जमीन कटती जा रही है। कटान होने से यह किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं। बीते वर्ष घाघरा की कटान से त्रिलोकी का पुरवा और मुरली का पुरवा के लगभग 60 घर घाघरा में बिलिन हो चुके हैं। जिसमें बहादुर, त्रिलोकी ,पिंटू ,तीर्थराज, सजगू ,भोरिक, भिमिली, जयराम, रजिंदर आदि हैं। इन्हें अभी तक रहने के लिए जमीन नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन तो पट्टा हो गई पर अभी तक तहसील प्रशासन की लापरवाही के कारण हमें कब्जा नहीं दिया हैं।
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