फरिहां। रेलवे क्रासिंग के पास सवा सौ वर्ष पुराना विशाल शीशम का पेड़ बरसात के दौरान गिर गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के इंस्पेक्टर को दिया तो इंस्पेक्टर ने व्यापारी को सेट कर पेड़ कटवा दिया। इसके बाद पेड़ की कीमती लकड़ी व्यापारी उठा ले गया और कुछ लकड़ियां दिखाने के लिए मौके पर छोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के इंस्पेक्टर के मिली भगत से ही लकड़ियां गायब की गई है।
फरिहां रेलवे क्रासिंग के पास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के पास बरसात के के दौरान पुराना पेड़ गिरा था। वन विभाग के इंस्पेक्टर रविकांत ने एक व्यापारी को पेड़ काटने के लिए कह दिया। व्यापारी ने मजदूर लगा कर पेड़ को कई भागों में काट डाला। इसके बाद इंस्पेक्टर को चढ़ाव चढ़ा कर पेड़ के मोटे बोटे गायब कर दिए गए। दिखावे के लिए कुछ लकड़िया छोड़ दी गई। जिन्हें वन विभाग के नर्सरी पर रखवा दिया गया। स्थानीय लोगों ने जब इसकी शिकायत किया तो वन विभाग के इंस्पेक्टर ने बताया कि लकड़ी चोरी हो गई थी, जिसे बरामद कर लिया गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत वन अधिकारी से किया तो उन्होंने यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया कि छोटे अधिकारी से बात करिए। इसके बाद शिकायत संजय विशाल से हुई तो उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो गलत हुआ है। विभाग के लोग ऐसे ही एक दूसरे पर जिम्मेदारी सौंप कर लकड़ी तस्करों को लकड़ी उपलब्ध करा कर अवैध धन उगाही में लगे हुए है।