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कटान हुई धीमी लेकिन आज भी अपना घर तोड़ने को विवश हैं लोग

Sat, 19 Sep 2020 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 10:54 PM IST
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The harvesting was slow but still people are forced to break their house
लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर कम हो गया है। नदी की कटान भी धीमी हुई है लेकिन आज भी लोग अपना घर तोड़ने को विवश हैं। शनिवार को बगहवा में एक घर कटान की भेंट चढ़ गया।
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सगड़ी के उत्तर घाघरा नदी की कटान धीमी तो हुई है पर लोगों की समस्या कम नहीं हुई है। आज भी लोग अपने घरों को तोड़ रहे हैं। घर से बेघर हो रहे हैं। देवारा खास राजा के बगहवा में मंगरु का घर घाघरा में विलीन हुआ तो वहीं राजकुमार, अशोक, कृष्ण ने अपना घर उजाड़ दिया है। अपने ही हाथों से अपने घर उजाड़ कर लोग दूसरे स्थान की तलाश में हैं। इसी तरह से और लोग भी अपने घर को तोड़ना शुरू कर दिया है। घाघरा नदी की कटान से विस्थापित75 परिवार के लिए जमीन सुरक्षित की जा रही है। जमीन आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। लेखपाल पंकज कुमार ने बताया कि सभी लोगों की पत्रावली तैयार कर ली गई है। उनकी जांच कर अविलंब सीमांकन कर दिया जाएगा। एसडीएम सगड़ी अरविंद कुमार सिंह का निर्देश है कि इसे अविलंब पत्रावली पेश करें जिससे विस्थापितों को जमीन मुहैया कराई जा सके। गांगेपुर में खेती योग्य जमीन कट रही है। अचल नगर में भी घाघरा की कटान धीमी पड़ी है। सेमरी में भी कटान धीमी गति से चल रही है।
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