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बढ़ता गया शहर पर नहीं हुआ सुविधाओं का विस्तार

Tue, 02 Aug 2022 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 11:48 PM IST
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The expansion of facilities did not happen on the city
आजमगढ़। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम पुराना ही है। वर्तमान में शहर की आबादी में पेयजल आपूर्ति के लिए छोटे बड़े 30 से अधिक नलकूप संचालित है। हर बार आबादी बढ़ी और पानी की खपत भी बढ़ी, लेकिन ड्रेनेज की समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण शहर के बाहरी कॉलोनियों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से वहां खाली प्लाटों व बाहरी क्षेत्र की जमीन में जलभराव हो रहा है। इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी होती और संक्रमण रोग फैलने का अंदेशा बना रहता है। आजमगढ़ नगर पालिका की आबादी करीब ढ़ाई लाख है। शहर के मोहल्लों, कालोनियों से पानी की निकासी के लिए छोटे बड़े मिलाकर 22 नाले बने हुए हैं। पुराने बाजार एवं पुरानी कालोनियों के अंदर अतिक्रमण होने से नालों की स्थिति दशकों पुरानी ही है। ज्यादातर नालों का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। जो नालियां बनी हैं उस पर लोगों ने छत डालकर कब्जा कर लिया है। जिसका परिणाम है कि उनकी सफाई नहीं हो पाती है जो बरसात में जलजमाव की वजह बनती है।
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नगरपालिका क्षेत्र में रहने वाले लोगों के पेयजल पर नगर पालिका ने ध्यान दिया लेकिन जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया। वर्षों पहले जब शहर के मुहल्लों में आवसीय भवनों की संख्या कम थी तो उस हिसाब से पानी की निकासी के लिए कराया गया नाली का निर्माण किया था। आज इन मुहल्लों की आबादी कई गुना बढ़ चुकी है लेकिन नालियों का आकार नहीं बढ़ सका। नालियां आज भी पहले वाली स्थिति में ही है। नगरपालिका ने हर तरफ ध्यान दिया लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया। कई नई बसी कालोनियों की हालत तो ऐसी है कि लोग खाली पड़े प्लाटों में गंदा पानी गिराते हैं। जिससे हमेशा संक्रमण की आशंका बनी रहती है।
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सीवर सिस्टम से नहीं जुड़ सका पूरा शहर
आजमगढ़। शहरी क्षेत्र को सीवर लाइन से जोड़ने के लिए कई दशकों से सीवर लाइन बिछाने का कार्य जल निगम द्वारा किया जा रहा है। लेकिन अब तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका है। अगर सीवर लाइन से नालों को जोड़ भी दिया जाए तो अभी तक एसटीपी का निर्माण न होने के कारण बेकार ही साबित होता। हालांकि अब पठखौली में सीवर लाइन का निर्माण शुरू हो चुका है जो 2024 में पूरा होगा। इसके बाद शहर के उन हिस्सों के लोगों को जिन क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछ गई है। उन क्षेत्र के घरों को उससे जोड़ दिया जाएगा जिससे इन क्षेत्र के लोगों को काफी हद तक जल भराव की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
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राजेश कुमार ने बताया कि नगरपालिका द्वारा अब तक जल निकासी को लेकर कोई उपाय नहीं किया गया है। आज भी जल निकासी की व्यवस्था 20 साल पुरानी ही हैं। बढ़ी आबादी को देखते हुए इनका आकार बढ़ाने की जरूरत है। लेकिन उस पर किसी का ध्यान नहीं है। वहीं पीयूष अग्रवाल ने बताया कि मंडल मुख्यालय होने के बाद भी अब तक आजमगढ़ में सीवरेज सिस्टम का विकास नहीं हो सका है। काफी मशक्कत के बाद अब एसटीपी का निर्माण शुरू हो गया है। जब तक शहर के सभी मुहल्लों को इससे जोड़ा नहीं जाएगा तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। उधर, नगर पालिका ईओ मनोज कुमार ने कहा कि अभी हमारे पास बजट की व्यवस्था नहीं है। हम अपने कर्मचारियों को पैैसा नहीं दे पा रहे हैं। जैसे ही बजट की व्यवस्था हो जाएगी। हम इसके लिए कार्ययोजना बनाकर इनपर कार्य करा सकेंगे। लेकिन हमारे पास अभी तक इसके लिए कोई कार्ययोजना नहीं है।
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