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अहरौला थाने के ड्राइवर ने थाने के स्टाफ पर लगाया पेट्रोल छिड़ककर जलाने के प्रयास का आरोप
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अहरौला। थाने के स्टाफ को रिश्वत लेने से मना करने का परिणाम रहा कि अहरौला थाने के स्टाफ ने बुधवार की रात शराब के नशे में धुत होकर थाने के ही चालक के कमरे में पेट्रोल छिड़ककर जलाने का प्रयास किया। उसके कमरे में जूता, चप्पल फेंककर मारने की कोशिश भी की गई। कुछ ऐसे आरोप थाने के चालक ने स्टाफ पर लगाया है। कहा कि किसी तरह रात को भागकर अपनी जान बचाई। बृहस्पतिवार को उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है। एसी त्रिवेणी सिंह ने मामले में जांच की बात कही है।
पीड़ित हेडकांस्टेबल कृष्ण कुमार यादव अहरौला थाने पर ड्राइवर के तौर पर तैनात है। उसका आरोप है कि उनसे स्टाफ के लोग काफी जलन रखते हैं। क्योंकि उसकी इमानदार छवि है। अन्य लोगों को भी रिश्वत लेने से मना करता है। हेडकांस्टेबल का आरोप है बुधवार कि सुबह मेस से रोटी मांगने को लेकर मामला शुरू हुआ। मुझे मेस से रोटी नहीं मिली। रात करीब 10:00 बजे थानाध्यक्ष का निजी फालोवर और कुछ अन्य लोग बाहर से भी वहां मौजूद थे। थाना परिसर में ही लोगों ने जमकर शराब पी। इसके बाद थाने के कई पुलिसवाले कुछ बाहरी लोगों के साथ उसके कमरे पर पहुंच गए। कमरे के सामने चावल और सब्जी फेंक दिया। थोड़ी देर बाद उसकी खिड़की के रास्ते पेट्रोल और कुछ तेजाब जैसा पदार्थ फेंका गया। लोगों ने कहा कि कमरे में आग लगा दो। कोई माचिस लेने गया। हेडकांस्टेबल कृष्ण कुमार का कहना है कि हमने किसी तरह से चौकी के नीचे जाकर छुप कर अपनी जान बचाई। बच कर निकलने पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। परिवार के लोगों को भी घटना से अवगत कराया। कहा कि इस मामले में सबसे पहले हमने इंस्पेक्टर को सूचित किया, लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा कोई रिस्पांस भी नहीं दिया गया। थाने में हुई इस घटना के बाद वहां जाने की हिम्मत नहीं हो रही। बच्चों से बता दिया हूं की कभी भी जान जा सकती है। उधर, एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया की पूरे मामले की गहनता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित हेडकांस्टेबल कृष्ण कुमार यादव अहरौला थाने पर ड्राइवर के तौर पर तैनात है। उसका आरोप है कि उनसे स्टाफ के लोग काफी जलन रखते हैं। क्योंकि उसकी इमानदार छवि है। अन्य लोगों को भी रिश्वत लेने से मना करता है। हेडकांस्टेबल का आरोप है बुधवार कि सुबह मेस से रोटी मांगने को लेकर मामला शुरू हुआ। मुझे मेस से रोटी नहीं मिली। रात करीब 10:00 बजे थानाध्यक्ष का निजी फालोवर और कुछ अन्य लोग बाहर से भी वहां मौजूद थे। थाना परिसर में ही लोगों ने जमकर शराब पी। इसके बाद थाने के कई पुलिसवाले कुछ बाहरी लोगों के साथ उसके कमरे पर पहुंच गए। कमरे के सामने चावल और सब्जी फेंक दिया। थोड़ी देर बाद उसकी खिड़की के रास्ते पेट्रोल और कुछ तेजाब जैसा पदार्थ फेंका गया। लोगों ने कहा कि कमरे में आग लगा दो। कोई माचिस लेने गया। हेडकांस्टेबल कृष्ण कुमार का कहना है कि हमने किसी तरह से चौकी के नीचे जाकर छुप कर अपनी जान बचाई। बच कर निकलने पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। परिवार के लोगों को भी घटना से अवगत कराया। कहा कि इस मामले में सबसे पहले हमने इंस्पेक्टर को सूचित किया, लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा कोई रिस्पांस भी नहीं दिया गया। थाने में हुई इस घटना के बाद वहां जाने की हिम्मत नहीं हो रही। बच्चों से बता दिया हूं की कभी भी जान जा सकती है। उधर, एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया की पूरे मामले की गहनता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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