पंचतत्व में विलीन हुए 'बाबूजी'
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समाजवादी विचारक, आमजन के नेता पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव का पार्थिव शरीर एक बजे दुर्वाषा धाम पहुंचा। वहां दो बजे तमसा-मजुषा के संगम घाट पर शव वाहन से उनका पार्थिव शरीर उतारकर चौकी पर रखा गया। यहां भी लोगों ने पूर्व राज्यपाल के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन किया। मध्यप्रदेश सरकार के बड़े अधिकारियों के आने की सूचना पर लोगों ने प्रतीक्षा की।
मौके पर राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे मध्यप्रदेश राज्यपाल के एडीसी मेजर गौरव सिंह परिहार, मध्यप्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव अजय तिरकिट, प्रदेश के वनमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, अतरौलिया विधायक संग्राम सिंह यादव, फूलपुर विधायक श्यामबहादुर यादव, पूर्व सांसद डा. बलराम, पूर्व सांसद डा. बलिहारी, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, डा. सुरेश, डा. संतोष समेत बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
करीब तीन बजे चिता सजाई गई और 3.05 मिनट पर पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव के बड़े पुत्र कमलेश यादव ने मुखाग्नि दी। इस दौरान चिता के चारों तरफ खड़े विभिन्न दलों के नेताओं, परिवार के लोगों समेत अन्य लोगों की आंखें नम हो गईं। चिता की परिक्रमा करते समय कमलेश की आंखों से आंसू बह रहे थे। अंतिम बार देखने के लिए लोगों में होड़ लगी थी।