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खाताधारक को पता ही नहीं खाते से निकल गए दस लाख रुपये, बैंक पहुंचा तो उड़ गये होश
Sun, 03 May 2020 04:57 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2020 04:57 PM IST
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cyber crime
लोग अपना पैसा बैंक खाता में जमा करते हैं की सुरक्षित रहे, लेकिन जब बैंक खाता से ही रुपये चोरी हो जाय तो क्या कहना। ऐसा ही मामला शनिवार को मेहनाजपुर बाजार में स्थित इलाहाबाद बैंक का उजागर हुआ है। जहां खाताधारक को पता ही नहीं और खाते से दस लाख रुपये निकालकर गायब कर दिया गया। पीड़ित ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही।
आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थाने के चकेरा परसिनिया गांव निवासी विनोद सिंह बड़े किसान हैं। उनका खाता मेहनाजपुर इलाहाबाद बैंक में है। विनोद साल 2013 में अपने किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख का लोन लिया। सभी रुपये ब्याज सहित जमा कर दिया। इसके बाद विनोद की क्रेडिट बढ़ाकर बारह लाख रुपये कर दी गयी। क्रेडिट बढ़ने पर विनोद पुन: दस लाख रुपये का लोन मंजूर कराकर खाते में ही छोड़ दिए थे।
शनिवार को आवश्यकता पड़ने पर विनोद आपने खाते से रुपये निकालने पहुंचने। इस दौरान पता चला की खाते में बैलेंस ही नहीं है। बहुत पहले ही खाते से दस लाख रुपये तीन अलग अलग खातों में ट्रांसफर हो गया है। उल्टा बैंक विनोद पर उन रुपयों के बदले ब्याज चुकाने को कहा गया। विनोद की शिकायत पर शाखा प्रबंधक ने जब जांच कराई तो पता चला कि विनोद के खाते से तीन लोगों के खाते में रुपये ट्रांसफर हुआ है। जिन तीन लोगों के खाते में रकम भेजी गयी है।
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वह मेहनाजपुर क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। इसमें एक अस्थाई बैंक का र्कमचारी और शेष दो अन्य लोग शामिल है। इस मामले के बाद अवाक रह गये विनोद सिंह ने मेहनाजपुर थाने में तहरीर दी। इसमें पूर्व शाखा प्रबंधक सहित चार लोगों को आरोपित किया है। प्रभारी निरीक्षक मेहनाजपुर राजेश सिंह ने बताया की केस नहीं दर्ज है। मामले की जांच की जा रही। वहीं शाखा प्रबंधक का कहना है की यह मामला हमारे से पहले का है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बैंक भी मामले की जांच कर रहा।
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आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थाने के चकेरा परसिनिया गांव निवासी विनोद सिंह बड़े किसान हैं। उनका खाता मेहनाजपुर इलाहाबाद बैंक में है। विनोद साल 2013 में अपने किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख का लोन लिया। सभी रुपये ब्याज सहित जमा कर दिया। इसके बाद विनोद की क्रेडिट बढ़ाकर बारह लाख रुपये कर दी गयी। क्रेडिट बढ़ने पर विनोद पुन: दस लाख रुपये का लोन मंजूर कराकर खाते में ही छोड़ दिए थे।
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शनिवार को आवश्यकता पड़ने पर विनोद आपने खाते से रुपये निकालने पहुंचने। इस दौरान पता चला की खाते में बैलेंस ही नहीं है। बहुत पहले ही खाते से दस लाख रुपये तीन अलग अलग खातों में ट्रांसफर हो गया है। उल्टा बैंक विनोद पर उन रुपयों के बदले ब्याज चुकाने को कहा गया। विनोद की शिकायत पर शाखा प्रबंधक ने जब जांच कराई तो पता चला कि विनोद के खाते से तीन लोगों के खाते में रुपये ट्रांसफर हुआ है। जिन तीन लोगों के खाते में रकम भेजी गयी है।
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वह मेहनाजपुर क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। इसमें एक अस्थाई बैंक का र्कमचारी और शेष दो अन्य लोग शामिल है। इस मामले के बाद अवाक रह गये विनोद सिंह ने मेहनाजपुर थाने में तहरीर दी। इसमें पूर्व शाखा प्रबंधक सहित चार लोगों को आरोपित किया है। प्रभारी निरीक्षक मेहनाजपुर राजेश सिंह ने बताया की केस नहीं दर्ज है। मामले की जांच की जा रही। वहीं शाखा प्रबंधक का कहना है की यह मामला हमारे से पहले का है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बैंक भी मामले की जांच कर रहा।