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आधुनिकता की चकाचौंध में टेलीविजन ने छीनी रेडियो की दुनिया

Sun, 24 Jul 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jul 2022 12:09 AM IST
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Television snatched the world of radio in the glare of modernity
आजमगढ़। 23 जुलाई को राष्ट्रीय प्रसारण दिवस मनाया जाता है इसी दिन सन 1927 में इंडियन प्रसारण कंपनी ने मुंबई स्टेशन से रेडियो का प्रसारण हुआ था। लेकिन समय के साथ इसमें काफी बदलाव आया और आधुनिकता कि चकाचौंध में रेडियो की जगह टेलीविजन ने ली। टेलीविजन ने ऐसी क्रांति लाई कि रेडियो अतीत की बात बनकर रह गई है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात सहित विविध कार्यक्रमों का इस प्रसारण होने के बाद एक बार फिर यह अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा है। एक समय था जब हर कोई रेडियो को बड़े चाव से सुनता था। रेडियो पर समाचार सुनने और गानों को सुनने के लिए लोग इसको दिन रात अपने हाथ में लिए रहते थे। इतना ही नहीं जब रेडियो पर आने वाली क्रिकेट मैच की कमेंट्री का हर कोई दिवाना था। जिसे सुनने के लिए काफी संख्या में लोग एक जगह जमा होते थे। लेकिन समय बदला और टेलीविजन ने इस दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे इसने रेडियो की दुनिया को पूरी तरह से खत्म हो गया। जनपद में रेडियो की बिक्री के लिए खुली दुकानें बंद होती गई है। आज जनपद में एक भी दुकानदार रेडियो की बिक्री नहीं करता है। जनपद में दो रेडियो स्टेशन की स्थापना हो चुकी है। लेकिन इन रेडियो स्टेशन द्वारा लोगों की फरमाइश पर गीत बजाए जाते हैं और मानिंद लोगों को बुलाकर उनके विचार साझा किए जाते हैं। जिसका फायदा लोगों को मिल सके।
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स्थानीय श्याम लाल ने बताया कि वह समय बीत गया जब लोग रेडियो पर समाचार या क्रिकेट की केमेंट्री सुनने के लिए एक जगह इकठ्ठा होते थे। टीवी के आने के बाद रेडियो का जमाना ही लद गया। अब तो यह किसी दुकान पर बिकती भी नहीं है। वहीं पंचम सिंह ने बताया कि अभी कुछ शौकीन लोग हैं, जिनके पास रेडियो है, जिसे उन्होंने संभालकर रखा है। अन्यथा बहुत ही कम लोग होंगे जिनके पास रेडियो होगा। लेकिन प्रधानमंत्री जी रेडियो की दुनिया वापस लाने के प्रयास में जुटे हैं।
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बोले संचालक
वहीं हाफ लेमन के मैनेजिंग डायरेक्टर रवि सिंह ने बताया कि जनपद में काफी दिनों से एक रेडियो स्टेशन की जरूरत महसूस की जा रही थी। क्योंकि टीवी लेकर आदमी हर समय घूम नहीं सकता है। लेकिन रेडियो तो वह गाड़ी में भी सुन सकता है। जिसे देखते हुए हमने इस रेडियो स्टेशन को स्थापित किया है। अभी हाल ही में खुला है लेकिन लोगों का रिस्पांस इसके प्रति अच्छा है। अंजान शहीद में सामुदायिक रेडियो के स्टेशन मैनेजर सीमा भारती का कहाना है कि इसमें सरकारी योजनाओं से लेकर अन्य बारे में जानकारी दी जाती है। सुबह छह बजे से नौ बजे तक, दोपहर 11 से शाम तीन बजे तक, शाम छह बजे से रात नौ बजे तक एफएम के माध्यम से इसका प्रसारण किया जाता है। लगभग 35 हजार लोग रेडियो एवं मोबाइल के माध्यम से इसका प्रसारण सुनते हैं।
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