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Azamgarh News: रथ पर सवार हुए गणपति तो छलक पड़े आंसू
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चौकी गांव में शोभायात्रा में वाहन पर गणपति प्रतिमा के साथ बच्चे। स्रोत-आयोजक
दस दिनों तक गणपति बप्पा की भक्ति में डूबा चौकी गांव बुधवार को विदाई के समय भावुक हो उठा। मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच गणपति प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर विसर्जन यात्रा निकाली गई। प्रतिमा के रथ पर सवार होते ही श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। रास्ते भर ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे।
गणपति दरबार में दस दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई। आसपास के सोहौली, पासिका, ठेकमा, राजेपुर, अहिरौली, बरदह, बकेश, खराट, सहनूडीह, बड़गहन और जीवली समेत दर्जनों गांवों से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।
विसर्जन से पहले पंडित महात्मा तिवारी ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। इसके बाद प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर यात्रा शुरू हुई। यात्रा डीह बाबा धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद श्रीराम-जानकी मंदिर होते हुए चौकी गांव पहुंची।
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यहां पूजा-अर्चना के बाद यात्रा बनवा महादेव मंदिर पहुंची और वहां से प्रतिमा को विसर्जन के लिए नदी तट ले जाया गया। नदी तट पर प्रतिमा विसर्जित होते ही ग्रामीण भावुक हो उठे। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर जाने-अनजाने में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगी और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। यात्रा में डॉ. अनिल कुमार राय, अमित तिवारी, अंश तिवारी, उपेंद्र राय आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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गणपति दरबार में दस दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना हुई। आसपास के सोहौली, पासिका, ठेकमा, राजेपुर, अहिरौली, बरदह, बकेश, खराट, सहनूडीह, बड़गहन और जीवली समेत दर्जनों गांवों से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।
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विसर्जन से पहले पंडित महात्मा तिवारी ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। इसके बाद प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर यात्रा शुरू हुई। यात्रा डीह बाबा धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद श्रीराम-जानकी मंदिर होते हुए चौकी गांव पहुंची।
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यहां पूजा-अर्चना के बाद यात्रा बनवा महादेव मंदिर पहुंची और वहां से प्रतिमा को विसर्जन के लिए नदी तट ले जाया गया। नदी तट पर प्रतिमा विसर्जित होते ही ग्रामीण भावुक हो उठे। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर जाने-अनजाने में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगी और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। यात्रा में डॉ. अनिल कुमार राय, अमित तिवारी, अंश तिवारी, उपेंद्र राय आदि ग्रामीण मौजूद रहे।