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Azamgarh News: स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए बच्चों के घर जाएंगे शिक्षक
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आजमगढ़। परिषदीय स्कूलों में पंजीकरण के सापेक्ष छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति को लेकर सख्ती बरती जा रही है। शासन ने उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब शिक्षकों को डोर-टू-डोर अभियान चलाकर अभिभावकों से बात कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना होगा।
जिले में 2706 परिषदीय विद्यालय हैं। जिसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें तीन लाख 30 हजार 428 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष छात्रों को उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी कई ऐसे स्कूल हैं, जहां 70 प्रतिशत से भी कम बच्चे उपस्थित हो रहे हैं। कई स्कूलों में मात्र 40 से 50 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। शासन ने इसका संज्ञान लिया है। शिक्षकों को डोर-टू-डोर अभियान चलाकर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए समेत सभी बीईओ समेत प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षकों को निर्देशित किया जा चुका है। वह छात्र-छात्राओं की संख्या को बढ़ाने के लिए घर-घर पहुंचकर अभिभावकों से बातचीत करते हुए बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। - मनोज कुमार मिश्रा, एडी बेसिक आजमगढ़।
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जिले में 2706 परिषदीय विद्यालय हैं। जिसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें तीन लाख 30 हजार 428 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष छात्रों को उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी कई ऐसे स्कूल हैं, जहां 70 प्रतिशत से भी कम बच्चे उपस्थित हो रहे हैं। कई स्कूलों में मात्र 40 से 50 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। शासन ने इसका संज्ञान लिया है। शिक्षकों को डोर-टू-डोर अभियान चलाकर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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बीएसए समेत सभी बीईओ समेत प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षकों को निर्देशित किया जा चुका है। वह छात्र-छात्राओं की संख्या को बढ़ाने के लिए घर-घर पहुंचकर अभिभावकों से बातचीत करते हुए बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। - मनोज कुमार मिश्रा, एडी बेसिक आजमगढ़।
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