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Azamgarh News: शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर स्कूलों के विलय का किया विरोध
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अमिलो। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर सरकार के स्कूल विलय के आदेश का विरोध किया। इस दौरान शिक्षकों ने विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य जारी रखा।
प्राथमिक विद्यालयों का विलय करने और कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने के सरकारी फैसले के खिलाफ शिक्षक आंदोलनरत हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस फरमान का कड़ा विरोध जताया है।
सठियांव ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद लाल श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत हर गांव में प्राथमिक विद्यालय खोलकर वंचित, शोषित और गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा, मिड-डे मील, ड्रेस, जूता-मोजा और बैग जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
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स्कूलों को बंद करने से समाज का यह तबका प्राथमिक शिक्षा के अधिकार से वंचित हो सकता है। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस नीति के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपने विरोध को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त किया और पठन-पाठन कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखा।
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प्राथमिक विद्यालयों का विलय करने और कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने के सरकारी फैसले के खिलाफ शिक्षक आंदोलनरत हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस फरमान का कड़ा विरोध जताया है।
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सठियांव ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद लाल श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत हर गांव में प्राथमिक विद्यालय खोलकर वंचित, शोषित और गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा, मिड-डे मील, ड्रेस, जूता-मोजा और बैग जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
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स्कूलों को बंद करने से समाज का यह तबका प्राथमिक शिक्षा के अधिकार से वंचित हो सकता है। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस नीति के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपने विरोध को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त किया और पठन-पाठन कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखा।