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Azamgarh News: 22 नालों से प्रदूषित हो रही तमसा, पूरा नहीं हुआ एसटीपी का निर्माण
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आजमगढ़। वर्षो से 22 नालों से प्रदूषित हो रही तमसा को बचाने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। जिसके कारण शहर से निकलने वाले लाखों लीटर गंदा पानी प्रतिदिन तमसा में गिर रहा है। अभी 20 फीसदी काम बाकी है फिर भी विभाग इसे निर्धारित समय पर पूरा करने का दावा कर रहा है। शहर की जीवनदायिनी कही जाने वाली तमसा शहर के गंदे पानी से मैली हो रही है। इसे प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कई बार प्रयास हुए। तमसा सफाई अभियान के दौरान तत्कालीन डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने इसमें गिरने वाले नालों की टैपिंग करने का निर्णय लिया था। इसके लिए उन्होंने पीडब्ल्यूडी और नगरपालिका को मिलकर कार्य करने का निर्देश दिया था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद यह योजना धरी की धरी रह गई और तमसा में शहर से निकलने वाला लाखों लीटर गंदा पानी प्रवाहित होता रहा। तमसा को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए शासन स्तर से एसटीपी निर्माण के लिए 2022 में 42.21 करोड़ की लागत से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति मिली। इसके बाद जनवरी 2022 से इस पर काम भी शुरू हो गया। पठखौली गांव में चार हेक्टेयर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया, जो अभी भी चल रहा है। 21 माह बीत जाने के बाद भी न तो एसटीपी का निर्माण पूरा हुआ और न ही सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम ही। विभाग की माने तो 72 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बचे काम को जनवरी 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन 72 फीसदी कार्य को करने में विभाग को जहां 21 महीने लग गए वहीं 28 फीसदी काम को दो माह में पूरा करने की चुनौती है। हालांकि विभाग द्वारा इसे पूरा कर लेने का दावा किया जा रहा है।
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