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जुलाई तक सौंप दें इटौरा जेल
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 12 Apr 2015 11:54 PM IST
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डीएम सुहास एलवाई ने रविवार को नवनिर्मित इटौरा जेल और सुपर फेसिलिटी अस्पताल का निरीक्षण किया। जेल के निरीक्षण में डीएम ने कार्यदायी संस्था को कार्यों में तेजी लाते हुए जुलाई माह तक जेल को हैंडओवर करने का निर्देश दिया। वहीं, अस्पताल में अनुपस्थित पाई गई दो मैट्रन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने का आदेश अधीक्षक को दिया।
रविवार को डीएम ने 115 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाले इटौरा जेल का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां उन्होंने जेल में लगने वाले खिड़कियों, दरवाजों तथा कमरों की ऊंचाई के विषय में जानकारी राजकीय निर्माण निगम जेल इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर पीएन सिंह से ली। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि 11 फीट पर लिफ्ट लगी है और प्रकाश की व्यवस्था के लिए हाईमास्क लाइट लगाई जाएगी।
डीएम ने निरीक्षण में गोडाउन, हाई सिक्योरिटी बैरक तथा मुलाकातियों के बैठने की जगह को देखा। जेल में कुल 8 बैरक, 88 आवास तथा 2 टंकी बनाई गई है। जिसमें से एक टंकी आवासीय है। डीएम ने जेल अधीक्षक एके मिश्रा को निर्देशित किया कि निर्माण की क्वालिटी पर नजर रखें और निर्माण पूरा होते ही अपने कब्जे में ले लें। इसके बाद जिलाधिकारी निरीक्षण के लिए चक्रपानपुर सि्थत अस्पताल पहुंचे।
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अस्पताल के बिल्डिंग पर संतोष व्यक्त किया लेकिन गंदगी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल अधीक्षक एके सिंह को 15 दिन में सफाई कराने का निर्देश दिया। इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी रजिस्टर को डीएम ने देखा और मैट्रन सुधा प्रकाश, विमला मैसी की अनुपस्थिति पर वेतन रोकने तथा उनसे स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी से ब्वायज हास्टल प्रथम वर्ष के बच्चों ने कालेज की समस्याएं बताईं। मौके पर एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी, एडीएम सदर एके सिंह, तहसीलदार मधुसूदन आर्य, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी संजय गोरे, राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर पीएन सिंह आदि उपस्थित थे।
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रविवार को डीएम ने 115 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाले इटौरा जेल का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां उन्होंने जेल में लगने वाले खिड़कियों, दरवाजों तथा कमरों की ऊंचाई के विषय में जानकारी राजकीय निर्माण निगम जेल इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर पीएन सिंह से ली। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि 11 फीट पर लिफ्ट लगी है और प्रकाश की व्यवस्था के लिए हाईमास्क लाइट लगाई जाएगी।
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डीएम ने निरीक्षण में गोडाउन, हाई सिक्योरिटी बैरक तथा मुलाकातियों के बैठने की जगह को देखा। जेल में कुल 8 बैरक, 88 आवास तथा 2 टंकी बनाई गई है। जिसमें से एक टंकी आवासीय है। डीएम ने जेल अधीक्षक एके मिश्रा को निर्देशित किया कि निर्माण की क्वालिटी पर नजर रखें और निर्माण पूरा होते ही अपने कब्जे में ले लें। इसके बाद जिलाधिकारी निरीक्षण के लिए चक्रपानपुर सि्थत अस्पताल पहुंचे।
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अस्पताल के बिल्डिंग पर संतोष व्यक्त किया लेकिन गंदगी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल अधीक्षक एके सिंह को 15 दिन में सफाई कराने का निर्देश दिया। इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी रजिस्टर को डीएम ने देखा और मैट्रन सुधा प्रकाश, विमला मैसी की अनुपस्थिति पर वेतन रोकने तथा उनसे स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी से ब्वायज हास्टल प्रथम वर्ष के बच्चों ने कालेज की समस्याएं बताईं। मौके पर एडीएम प्रशासन आशुतोष द्विवेदी, एडीएम सदर एके सिंह, तहसीलदार मधुसूदन आर्य, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी संजय गोरे, राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर पीएन सिंह आदि उपस्थित थे।