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Azamgarh News: 14 घंटे चलकर गन्ने की कमी से बंद हो गई चीनी मिल
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दी किसान सहकारी चीनी मिल बुधवार को भोर में लगभग चार बजे गन्ने के अभाव में बंद हो गई। अभी 14 घंटे ही चीनी मिल चल पाई थी। अब चीनी मिल नो केन की हालत में आ गई। शुरुआती दौर में जब यह हाल है तो अभी पूरा पेराई सत्र बाकी है।
चीनी मिल प्रबंधन अपनी व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट हैं कि सफलतापूर्वक नए पेराई सत्र में गन्ने का अभाव नहीं होने दिया जाएगा। इसे देखते हुए बीते 29 नवंबर को चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ कर दिया गया। चीनी मिल चलने लगी तो ऐसा लगा कि इस बार लगातार मिल चल कर अपना लक्ष्य पूरा करेगी। किसान पर्याप्त मात्रा में गन्ने की आपूर्ति करेंगे। सच बात यह है कि शुभारंभ के बाद चार दिनों में लगभग 10 हजार क्विंटल ही गन्ना का स्टाॅक हो पाया।
चीनी मिल की क्षमता को देखा जाए तो एक दिन में 35 हजार क्विंटल गन्ना क्रॉसिंग कर सकती है। मंगलवार को दिन में लगभग दो बजे मिल का संचालन शुरू हुआ और भोर बुधवार भोर में करीब चार बजे मिल नो केन में बंद हो गई। अगर मिल प्रबंधन क्षमता के आधार पर गन्ने का स्टाॅक करने के बाद संचालन किया होता तो नो केन में चीनी मिल खड़ी नहीं होती। मिल प्रबंधन को चीनी मिल की क्षमता पता होने के बावजूद मात्र 10 हजार क्विंटल गन्ने का स्टाॅक करने के बाद नी मिल को चलाकर अपनी कमियों को छिपाने का प्रयास किया। मिल प्रबंधन का यह प्रयास असफल रहा। चीनी मिल का गन्ने के अभाव में खड़ा होना प्रबंधन तंत्र की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दिया है।
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चीनी मिल प्रबंधन अपनी व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट हैं कि सफलतापूर्वक नए पेराई सत्र में गन्ने का अभाव नहीं होने दिया जाएगा। इसे देखते हुए बीते 29 नवंबर को चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ कर दिया गया। चीनी मिल चलने लगी तो ऐसा लगा कि इस बार लगातार मिल चल कर अपना लक्ष्य पूरा करेगी। किसान पर्याप्त मात्रा में गन्ने की आपूर्ति करेंगे। सच बात यह है कि शुभारंभ के बाद चार दिनों में लगभग 10 हजार क्विंटल ही गन्ना का स्टाॅक हो पाया।
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चीनी मिल की क्षमता को देखा जाए तो एक दिन में 35 हजार क्विंटल गन्ना क्रॉसिंग कर सकती है। मंगलवार को दिन में लगभग दो बजे मिल का संचालन शुरू हुआ और भोर बुधवार भोर में करीब चार बजे मिल नो केन में बंद हो गई। अगर मिल प्रबंधन क्षमता के आधार पर गन्ने का स्टाॅक करने के बाद संचालन किया होता तो नो केन में चीनी मिल खड़ी नहीं होती। मिल प्रबंधन को चीनी मिल की क्षमता पता होने के बावजूद मात्र 10 हजार क्विंटल गन्ने का स्टाॅक करने के बाद नी मिल को चलाकर अपनी कमियों को छिपाने का प्रयास किया। मिल प्रबंधन का यह प्रयास असफल रहा। चीनी मिल का गन्ने के अभाव में खड़ा होना प्रबंधन तंत्र की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दिया है।
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