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राज्य विवि को लेकर अचानक आई तेजी, जल्द हो सकता है शिलान्यास

Sat, 19 Dec 2020 11:50 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 11:50 PM IST
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Sudden boom over state university, foundation may be soon
मुहब्बतपुर में विश्व विद्यालय की जमीन का निरीक्षण करते अधिकारीगण। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। जनपद में राज्य विवि के जल्द ही शिलान्यास की संभावनाएं बनती दिख रही हैं। शनिवार को छुट्टी के बाद भी जिलाधिकारी ने विवि के प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया। इसके बाद शासन से गठित टीम जिसमें क्षेत्रीय उच्चशिक्षाधिकारी, काशी विद्यापीठ के वित्त अधिकारी, पूर्वांचल विवि के प्रभारी रजिस्ट्रार भी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। देर शाम तक डीएम आवास पर भी मंत्रणा हुई। मंत्रणा का केंद्र पीडब्ल्यूडी की ओर से तैयार डीपीआर थी। शासन की मंशा लागत में कुछ कमी करने के साथ ही जल्द से जल्द मंजूरी देने की है। मंत्रणा के बाद कार्यदायी संस्था कुछ संशोधन में जुटी हुई थी। इसे शनिवार को ही शासन को भेजने की बात कही जा रही थी।
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जनपद के सदर तहसील के मोहब्बतपुर में बनने वाले राज्य विवि के लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड की ओर से लगभग 560 करोड़ की डीपीआर तैयार की है। शासन के निर्देश पर इसे दो फेज में बांटा गया है। पहले फेज में 285 करोड़ के कार्यों को शामिल किया गया है। इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा चुका है। अब इस डीपीआर के निर्माण पर निर्णय शासन को लेना है। शासन की मंशा डीपआर की धनराशि में कुछ संशोधन की है। माना जा रहा है कि इस संशोधन के बाद तुरंत डीपीआर को स्वीकृत करने के साथ ही आने वाले कुछ दिनों के भीतर इसका शिलान्यास भी किया जा सकता है।
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तीन विवि को एक साथ शिलान्यास की योजना
आजमगढ़ के साथ ही प्रदेश में सहारनपुर और अलीगढ़ में भी राज्य विवि का निर्माण होना है। शासकीय सूत्रों के अनुसार अंदरखाने 23 दिसंबर को तीनों स्थानों पर विवि का शिलान्यास की योजना है। शासन वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य विवि के लिए 100 करोड़ का प्रावधान रखा है। इसमें पूर्वांचल विवि से 50 करोड़ रुपये देने की पिछले दिनों सहमति बनी थी। वहीं, 50 करोड़ शासन से देने की बात कही गई है। शासन की मंशा है कि पहले फेज में इसके आसपास का बजट ही रखा जाए। इसलिए डीपीआर में संशोधन की बात रखी गई थी।
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जानकारी में नहीं थे अतिरिक्त कार्य
आजमगढ़ में बनने वाले विवि के लिए सदर तहसील के मोहब्बतपुर में जमीन दी गई है। लगभग 38 एकड़ भूमि सरकारी मिल गई थी। शेष भूमि और कुछ रास्ते की भूमि खरीदने के लिए पिछले दिनों शासन से धनराशि भी जारी हुई थी। पिछले दिनों कार्यदायी संस्था और बाढ़ खंड ने बताया था कि जहां विवि बनाई जा रही है वो लो लैंड है। तमसा नदी के किनारे होने से यहां एक बांध बनाना होगा और दो नालों को भी स्थानांतरित करना होगा। साथ ही कुछ एचटी लाइन को भी स्थानांतरित किया जाना था। इन सबको भी डीपीआर में शामिल करने से निर्माण की लागत काफी बढ़ गई थी। इसकी पहले से शासन को जानकारी नहीं दी गई थी। कार्यदायी संस्था की डीपीआर शासन से गठित कमेटी ईएफसी के सामने पेश हुई को लागत को लेकर बातें शुरू हुईं। पहले से 23 दिसंबर को शिलान्यास पर बात हो रही थी तो उच्च शिक्षा विभाग के फोन डीएम के साथ ही स्थानीय स्तर पर गठित कमेटी के पास पहुंचे। फोन आते ही अधिकारी मौके की ओर दौड़ पड़े।
50 एकड़ में विवि, 14 मीटर का रास्ता
ग्राम मोहब्बतपुर, महलिया एवं दौलतपुर में बनने वाले राज्य विवि को 50 एकड़ में बनाना है। डीएम राजेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए 14 मीटर रास्ता भी बनना है। मोहब्बतपुर और महलिया तमसा नदी के किनारे स्थित हैं। सुरक्षा के लिए परिसर के किनारे-किनारे बांध बनाना है। महलिया में कुछ किसान बाहर थे। इससे लगभग चार एकड़ का बैनामा नहीं हो पाया था। जल्द वो बैनामा कर देंगे।
2005 में आई थी बाढ़
सठियांव। मोहब्बतपुर गांव में बनने वाले विवि के निरीक्षण के लिए पहुंचे क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी ज्ञान प्रकाश वर्मा, प्रभारी रजिस्ट्रार बीएन सिंह, काशी विद्यापीठ के वित्त अधिकारी राधेश्याम वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में 2005 में बाढ़ आई थी। उस समय हाई फ्लड लेवल 75 मीटर दर्ज किया गया था। इसी आधार पर डीपीआर बनाई गई है। फिर भी इसमें कुछ संशोधन संभव है। डीएम ने भी कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया है। कार्यदायी संस्था इस पर अपना कार्य कर रही है। इस मौके पर डा. पंकज सिंह और अरुण कुमार सिंह उपस्थित थे। टीम ने डीएवी पीजी कॉलेज में प्रस्तावित विवि के अस्थायी कार्यालय को भी देखा। प्राचार्य डॉ. शुचिता श्रीवास्तव से जानकारी ली।

विवि की डीपीआर को शासन जल्द मंजूरी दे सकती है। जनवरी में इसका काम भी शुरू हो सकता है। शासन से निर्देश मिलने के बाद प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया गया था। बचे किसानों को जल्द बैनामा करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजेश कुमार, डीएम
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