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शासनादेश निरस्त होने तक जारी रहेगा धरना
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:51 PM IST
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अपनी मांगो के लिये सफाई कर्मियो ने विकास भवन के बाहर किया प्रर्दश
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एडीओ पंचायत कार्यालय समाप्त करने संबंधी शासनादेेश को निरस्त करने की मांग को लेकर उप्र पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने मंगलवार को विकास भवन के पास धरना दिया। धरने के बाद कर्मचारी जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा।
धरनेे को संबोधित करते हुए एडीओ पंचायत हरैया जय प्रकाश ने कहा कि जो शासनादेश एक अगस्त 2016 को जारी किया किया गया जब तक यह शासनादेश निरस्त नहीं होगा तब तक पंचायत सेवा परिषद का आंदोलन चलता रहेगा। सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सीपी यादव ने कहा कि पंचायत राज विभाग के साथ ग्राम विकास विभाग ने पीछे से धोखे से वार किया है।
रामप्रताप यादव ने कहा कि यह शासनादेश आजादी के बाद का सबसे घटिया, सबसे गंदा शासनादेश है। इस शासनादेश को जारी करने की इतनी जल्दी क्यों थी। न विधि विभाग से, न कार्मिक विभाग और ना ही पंचायत विभाग से इस शासनादेश को जारी करने में सहमति ली गई। एडीओ पंचायत पल्हनी संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि जो शासनादेश जारी किया गया है इसमें हम पंचायत विभाग के कर्मचारियों को क्षेत्र पंचायत निकाय कर्मी बना दिया गया। एडीओ पंचायत का कार्यालय समाप्त कर दिया गया है। तो मेरा पद नाम क्या है और हमारा कार्य क्या है यह भी शासनादेश के माध्यम से बताएं। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि जो हमारे विभाग में ग्राम विकास अधिकारी सचिव के पद पर कार्य कर रहे हैं। नंदलाल, बसंत कुमार, महेंद्र कुमार, अरूण कुुमार, देवेश, गुलाब चौरसिया, अरूण कुमार, शांति शरण सिंह, जय प्रकाश सिंह आदि उपस्थित रहे।
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धरनेे को संबोधित करते हुए एडीओ पंचायत हरैया जय प्रकाश ने कहा कि जो शासनादेश एक अगस्त 2016 को जारी किया किया गया जब तक यह शासनादेश निरस्त नहीं होगा तब तक पंचायत सेवा परिषद का आंदोलन चलता रहेगा। सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सीपी यादव ने कहा कि पंचायत राज विभाग के साथ ग्राम विकास विभाग ने पीछे से धोखे से वार किया है।
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रामप्रताप यादव ने कहा कि यह शासनादेश आजादी के बाद का सबसे घटिया, सबसे गंदा शासनादेश है। इस शासनादेश को जारी करने की इतनी जल्दी क्यों थी। न विधि विभाग से, न कार्मिक विभाग और ना ही पंचायत विभाग से इस शासनादेश को जारी करने में सहमति ली गई। एडीओ पंचायत पल्हनी संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि जो शासनादेश जारी किया गया है इसमें हम पंचायत विभाग के कर्मचारियों को क्षेत्र पंचायत निकाय कर्मी बना दिया गया। एडीओ पंचायत का कार्यालय समाप्त कर दिया गया है। तो मेरा पद नाम क्या है और हमारा कार्य क्या है यह भी शासनादेश के माध्यम से बताएं। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि जो हमारे विभाग में ग्राम विकास अधिकारी सचिव के पद पर कार्य कर रहे हैं। नंदलाल, बसंत कुमार, महेंद्र कुमार, अरूण कुुमार, देवेश, गुलाब चौरसिया, अरूण कुमार, शांति शरण सिंह, जय प्रकाश सिंह आदि उपस्थित रहे।
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