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लेक्स एप के जरिए आनलाइन बेच रहे थे चोरी के वाहन
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पुलिस लाइन में वाहन चोरी के अरोप में पकड़े गये लोगो से पूछ-ताछ करते एसपी त्रिवेणी सिंह।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। शहर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को चोरी के वाहन ओएलएक्स एप के जरिए ऑनलाइन बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चोरी के नौ वाहन, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर और तीन मोबाइल और काफी संख्या में फर्जी आईडी बरामद हुए हैं। पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने बताया कि चोरी के एक वाहन को वे तीन से चार लोगों को बेच देते थे। अब तक यह गिरोह सात सौ से अधिक लोगों को चोरी के वाहन बेच कर लाखों रुपये क ा चूना लगा चुका है। गिरोह के सदस्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी सक्रिय हैं।
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि थाना सिधारी और जहानागंज में ओएलएक्स कंपनी के जरिए चोरी के सामान बेचने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर शहर कोतवाल अनिल सिंह ने अलग-अलग स्थानों से कप्तानगंज थाने के वाजिदपुर गांव निवासी अंशदीप सिंह उर्फ टिंकू, इसी थाने के टहर किसुनदेवपुर गांव निवासी अंकित यादव और अहरौला थाने के मंगारीपुर गांव निवासी जनसेवा केंद्र के संचालक सरविंद यादव को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर चोरी की नौ बाइक, एक लैपटाप, एक प्रिंटर, तीन मोबाइल और भारी मात्रा में फर्जी आईडी प्रूफ बरामद हुए। आरोपियों ने बताया कि ये लोग ओएलएक्स एप पर आनलाइन बाइक बेचने की जानकारी देते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक संपर्क करता है उससे खाते में रुपये ट्रांसफर कराकर बाइक दे देते थे, लेकिन पेपर नहीं देते थे। पेपर देने के लिए वे बाइक वापस लेते और उसे फिर दूसरे को थमा कर उससे धन ले लेते थे। इस तरह एक बाइक को वे तीन से चार लोगों को देते रहते थे। इस बीच कोई खरीददार ज्यादा दबाव बनाता तो मिलते नहीं थे, किसी ने ढूंढ लिया तो फर्जी पेपर बनाकर थमा देते थे।
फोटो शाप के जरिए तैयार करते थे पेपर
गिरोह के तीनों सदस्य अलग-अलग काम करते थे। अंशदीप सिंह का मुख्य काम ग्राहकों को डील करना था जबकि अंकित यादव रेकी करके बाइक चुराता था। वहीं सरविंद यादव अपने जनसेवा केंद्र के कंप्यूटर के जरिए फर्जी कागजात तैयार करता था। एसपी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी सक्रिय हैं। उनके विषय में जानकारी जुटाई जा रही।
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कंपनी को भेजा जाएगा पत्र
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि ओएलएक्स कंपनी के जरिए कोई भी कहीं से भी आनलाइन सामान खरीद सकता है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वाले कंपनी के जरिए ठगी का धंधा करते हुए लोगों को चूना लगा रहे हैं। इस संबंध में कंपनी को पत्र लिखा जाएगा, ताकि ऐसी की कारगुजारियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि थाना सिधारी और जहानागंज में ओएलएक्स कंपनी के जरिए चोरी के सामान बेचने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर शहर कोतवाल अनिल सिंह ने अलग-अलग स्थानों से कप्तानगंज थाने के वाजिदपुर गांव निवासी अंशदीप सिंह उर्फ टिंकू, इसी थाने के टहर किसुनदेवपुर गांव निवासी अंकित यादव और अहरौला थाने के मंगारीपुर गांव निवासी जनसेवा केंद्र के संचालक सरविंद यादव को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर चोरी की नौ बाइक, एक लैपटाप, एक प्रिंटर, तीन मोबाइल और भारी मात्रा में फर्जी आईडी प्रूफ बरामद हुए। आरोपियों ने बताया कि ये लोग ओएलएक्स एप पर आनलाइन बाइक बेचने की जानकारी देते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक संपर्क करता है उससे खाते में रुपये ट्रांसफर कराकर बाइक दे देते थे, लेकिन पेपर नहीं देते थे। पेपर देने के लिए वे बाइक वापस लेते और उसे फिर दूसरे को थमा कर उससे धन ले लेते थे। इस तरह एक बाइक को वे तीन से चार लोगों को देते रहते थे। इस बीच कोई खरीददार ज्यादा दबाव बनाता तो मिलते नहीं थे, किसी ने ढूंढ लिया तो फर्जी पेपर बनाकर थमा देते थे।
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फोटो शाप के जरिए तैयार करते थे पेपर
गिरोह के तीनों सदस्य अलग-अलग काम करते थे। अंशदीप सिंह का मुख्य काम ग्राहकों को डील करना था जबकि अंकित यादव रेकी करके बाइक चुराता था। वहीं सरविंद यादव अपने जनसेवा केंद्र के कंप्यूटर के जरिए फर्जी कागजात तैयार करता था। एसपी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी सक्रिय हैं। उनके विषय में जानकारी जुटाई जा रही।
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कंपनी को भेजा जाएगा पत्र
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि ओएलएक्स कंपनी के जरिए कोई भी कहीं से भी आनलाइन सामान खरीद सकता है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वाले कंपनी के जरिए ठगी का धंधा करते हुए लोगों को चूना लगा रहे हैं। इस संबंध में कंपनी को पत्र लिखा जाएगा, ताकि ऐसी की कारगुजारियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।