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सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए 45 दिन चलेगा विशेष रीडिंग कैंपेन
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आजमगढ़। सरकारी स्कूलों में पढ़ने यानी रीडिंग के लिए विशेष अभियान एक नवंबर से चलाया जाएगा। स्कूलों में 45 दिनों तक चलने वाले इस रीडिंग कैंपेन को पूरे जिले में एक साथ चलाया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी कर दिया है।
इस अभियान को एक नवंबर से सभी स्कूलों समेत केजीबीवी में एक साथ शुरू किया जाएगा। इसके लिए क्लासवार अभियान न चला कर बल्कि तीन समूहों में विभाजित करके चलाया जाएगा। समूह एक में बाल वाटिका से कक्षा 2, कक्षा 3 से 5 और कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के तीन समूह बनाए जाएंगे। हर हफ्ते नई तरह की गतिविधियां करवाई जाएंगी। इसके लिए हर हफ्ते राज्य परियोजना कार्यालय से इंफोग्राफिक्स, अभिभावक कैलेंडर आदि भेजे जाएंगे। इसके लिए पहले अपने आसपास की चीजों को पहचानना और उस पर लिखे को पढ़ने के प्रति प्रोत्साहित किया जाए। इस अभियान के तहत शिक्षकों के अलावा अभिभावक, भाई बहन या अन्य लोगों की मदद ली जाएगी। इसका कंटेंट नियमित रूप से अभिभावकों के व्हाट्सएप नंबर पर भी भेजा जाएगा। इसके लिए शिक्षक दीक्षा, प्रेरणा पोर्टल, एनसीईआरटी, नेशनल बुक ट्रस्ट, स्टोरी वीवर, प्रथम बुक्स, रूम टू रीड क्लाउड आदि पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इसकी शुरुआत आसपास के परिवेश से करवाई जाए। इसके अलावा समझ के साथ पढ़ने की अवधारणा के तहत पढ़ना बताया जाए। विभिन्न प्रकार की आकर्षक चित्रों वाली किताबों की सरल कहानियों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। जोर-जोर से और साथ साथ पढ़ने पर बल दिया जाए।
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इस अभियान को एक नवंबर से सभी स्कूलों समेत केजीबीवी में एक साथ शुरू किया जाएगा। इसके लिए क्लासवार अभियान न चला कर बल्कि तीन समूहों में विभाजित करके चलाया जाएगा। समूह एक में बाल वाटिका से कक्षा 2, कक्षा 3 से 5 और कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के तीन समूह बनाए जाएंगे। हर हफ्ते नई तरह की गतिविधियां करवाई जाएंगी। इसके लिए हर हफ्ते राज्य परियोजना कार्यालय से इंफोग्राफिक्स, अभिभावक कैलेंडर आदि भेजे जाएंगे। इसके लिए पहले अपने आसपास की चीजों को पहचानना और उस पर लिखे को पढ़ने के प्रति प्रोत्साहित किया जाए। इस अभियान के तहत शिक्षकों के अलावा अभिभावक, भाई बहन या अन्य लोगों की मदद ली जाएगी। इसका कंटेंट नियमित रूप से अभिभावकों के व्हाट्सएप नंबर पर भी भेजा जाएगा। इसके लिए शिक्षक दीक्षा, प्रेरणा पोर्टल, एनसीईआरटी, नेशनल बुक ट्रस्ट, स्टोरी वीवर, प्रथम बुक्स, रूम टू रीड क्लाउड आदि पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इसकी शुरुआत आसपास के परिवेश से करवाई जाए। इसके अलावा समझ के साथ पढ़ने की अवधारणा के तहत पढ़ना बताया जाए। विभिन्न प्रकार की आकर्षक चित्रों वाली किताबों की सरल कहानियों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। जोर-जोर से और साथ साथ पढ़ने पर बल दिया जाए।
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