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सपा पीडीए की रक्षक नहीं भक्षक: अरुण राजभर
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आजमगढ़। लोकसभा चुनाव में हार के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी ने सदस्यता अभियान चलाया है। इसकी समीक्षा करने मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता अरुण राजभर आजमगढ़ पहुंचे। उन्होंने नेहरू हाल में अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सपा पीडीए की रक्षक नहीं, भक्षक है।
सुभासपा नेता ने सपा की ओर से माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर पर कहा कि सपा ने पीडीए के साथ छल किया है। जब वोट लेना होता है तो पीडीए याद आता है लेकिन जब हिस्सेदारी देने की बात होती है तो छल किया जाता है। इनका काम है पीडीए के महापुरुषों को माला पहनाओ और उनके विचारों पर ताला लगाओ। कहा कि सपा को एहसास हो गया है कि अकेले दम पर सरकार बनने वाली नहीं है। इसलिए कांग्रेस का सहारा लिया। लेकिन, कांग्रेस ने मन बना लिया है कि सपा को समाप्त कर देना है। सपा सिर्फ सुभासपा का का नाम लेकर जिंदा रहना चाहती है। सपा और कांग्रेस ने झूठ बोलकर चुनाव जीता। संविधान खतरे में है, आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा, खटाखट साढ़े आठ हजार रुपए खाते में डाले जाएंगे। इस तरह के झूठ से मतदाताओं को गुमराह किया गया। जब पीडीए की बात होती है तो बाबा साहब के सम्मान की भी बात होनी चाहिए। सपा के लोग कहते हैं कि जहां भी बाबा साहब की मूर्ति लगती है, वहां जमीन कब्जा कर लेते हैं। जिधर उंगली दिखाते हैं, वहां कब्जा करने के लिए चले जाते हैं। जिन्होंने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया हो, पिछड़े दलित और अल्पसंख्यकों को हिस्सेदारी देने के नाम पर सिर्फ वोट लेने का काम किया हो, जनता उनको समझ गई है। वह पीडीए के रक्षक नहीं, पीडीए के भक्षक हैं।
अरुण राजभर ने प्रदेश सरकार में सीएम और डिप्टी सीएम के बीच मनमुटाव से इन्कार किया। कहा कि यह मीडिया की देन है। कहा कि कुछ अधिकारी पुरानी विचारधारा के हैं, जो सपा, बसपा और कांग्रेस माइंडेड हैं। लेकिन, यूपी सरकार ने 7 साल के कार्यकाल में बहुत से अधिकारियों का मिजाज बदल दिया है। जो बचे हैं, उनको भी बदल दिया जाएगा। आज हर अधिकारी रिस्पांस दे रहा है और पीड़ितों के काम हो रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य की बात से सहमति जताते हुए कहा कि सरकार से बड़ा संगठन होता है। अगर कार्यकर्ताओं में निराशा है तो हम लोग सामंजस्य बैठाकर संगठन और सरकार में तालमेल कराएंगे। उन्होंने कहा कि सुभासपा आगामी जिला पंचायत चुनाव में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और 2027 में एनडीए के साथ मिलकर फिर सरकार बनाएंगे।
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सुभासपा नेता ने सपा की ओर से माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर पर कहा कि सपा ने पीडीए के साथ छल किया है। जब वोट लेना होता है तो पीडीए याद आता है लेकिन जब हिस्सेदारी देने की बात होती है तो छल किया जाता है। इनका काम है पीडीए के महापुरुषों को माला पहनाओ और उनके विचारों पर ताला लगाओ। कहा कि सपा को एहसास हो गया है कि अकेले दम पर सरकार बनने वाली नहीं है। इसलिए कांग्रेस का सहारा लिया। लेकिन, कांग्रेस ने मन बना लिया है कि सपा को समाप्त कर देना है। सपा सिर्फ सुभासपा का का नाम लेकर जिंदा रहना चाहती है। सपा और कांग्रेस ने झूठ बोलकर चुनाव जीता। संविधान खतरे में है, आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा, खटाखट साढ़े आठ हजार रुपए खाते में डाले जाएंगे। इस तरह के झूठ से मतदाताओं को गुमराह किया गया। जब पीडीए की बात होती है तो बाबा साहब के सम्मान की भी बात होनी चाहिए। सपा के लोग कहते हैं कि जहां भी बाबा साहब की मूर्ति लगती है, वहां जमीन कब्जा कर लेते हैं। जिधर उंगली दिखाते हैं, वहां कब्जा करने के लिए चले जाते हैं। जिन्होंने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया हो, पिछड़े दलित और अल्पसंख्यकों को हिस्सेदारी देने के नाम पर सिर्फ वोट लेने का काम किया हो, जनता उनको समझ गई है। वह पीडीए के रक्षक नहीं, पीडीए के भक्षक हैं।
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अरुण राजभर ने प्रदेश सरकार में सीएम और डिप्टी सीएम के बीच मनमुटाव से इन्कार किया। कहा कि यह मीडिया की देन है। कहा कि कुछ अधिकारी पुरानी विचारधारा के हैं, जो सपा, बसपा और कांग्रेस माइंडेड हैं। लेकिन, यूपी सरकार ने 7 साल के कार्यकाल में बहुत से अधिकारियों का मिजाज बदल दिया है। जो बचे हैं, उनको भी बदल दिया जाएगा। आज हर अधिकारी रिस्पांस दे रहा है और पीड़ितों के काम हो रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य की बात से सहमति जताते हुए कहा कि सरकार से बड़ा संगठन होता है। अगर कार्यकर्ताओं में निराशा है तो हम लोग सामंजस्य बैठाकर संगठन और सरकार में तालमेल कराएंगे। उन्होंने कहा कि सुभासपा आगामी जिला पंचायत चुनाव में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और 2027 में एनडीए के साथ मिलकर फिर सरकार बनाएंगे।
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