Azamgarh: मां का संघर्ष भी नहीं आया काम, करंट की चपेट में आए बेटे की मौत , ग्रामीणों में आक्रोश
आजमगढ़ जिले के भेड़िया गांव में धान के खेत की निराई करते समय करंट की चपेट में आकर मां-बेटा झुलस गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बेटे की मौत हो गई। वहीं मां अभी जीवन-मौत से संघर्ष कर रही है।
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आजमगढ़ जिले के भेड़िया गांव में धान के खेत की निराई करते समय करंट की चपेट में आकर मां-बेटा झुलस गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बेटे की मौत हो गई। वहीं मां अभी जीवन-मौत से संघर्ष कर रही है। युवक की मौत के बाद परिजन शव लेकर गांव के बाजार पहुंचे और चक्काजाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और समझा बुझा कर जाम समाप्त करवाया। ग्रामीण नीजी टयूबवेल संचालक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे थे।
भेड़िया गांव निवासी अखिलेश कुमार गौतम (30) और उसकी मां चनौता शुक्रवार सुबह सात बजे धान की निराई के लिए खेत गई थी। इसी दौरान अखिलेश निजी नलकूप को गए बिजली की तार की चपेट में आ गया। उसे बचाने के चक्कर में मां चनौता भी गंभीर रूप से झ़ुलस गई। आननफानन दोनों को प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उपचार के दौरान अखिलेश की मौत हो गई। वहीं मां चनौता अभी जीवन और मौत से संघर्ष कर रही है।
अखिलेश की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव लेकर भेड़िया बाजार आ गए और निजी नलकूप संचालक संजीव मौर्या के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि संजीव के नलकूप को गया तार काफी नीचे है और जगह-जगह से कटा हुआ है। जिसके चलते ही यह हादसा हुआ है। लगभग एक घंटे तक चक्काजाम रहा।
जाम की सूचना पर फूलपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जबरन शव को उठा कर कोतवाली लेकर चली गई। इसके बाद भी ग्रामीण जाम लगाए रहे। तहसीलदार फूलपुर नूपुर सिंह मौके पर पहुंची। किसी तरह समझा-बुझा कर ग्रामीणों को शांत कराया।
तहसीलदार ने कोतवाली में तहरीर देने और 15 दिनों के अंदर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। अखिलेश एक पुत्र व एक पुत्री का पिता था। वहीं पत्नी वर्तमान में गर्भवती भी है। परिजनों में कोहराम मचा है। पत्नी पुष्पा ने निजी नलकूप संचालक के खिलाफ तहरीर दी है।